होली वाले दिन गद्दीटोला मोहल्ले में बवाल के दौरान पुलिस द्वारा घरों में घुसकर उपद्रव करने के मामले में सीओ सतीशचंद्र शर्मा ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है। इससे महकमे में खलबली मच गई है। रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी ने दरोगा समेत सात पुलिस कर्मियों को कोतवाली से हटा दिया है।
सीओ सतीशचंद्र शर्मा की ओर से एसएसपी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस कर्मी चुप्पी साधे हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में पुलिस कर्मियों की भूमिका और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि पुलिस कर्मियों ने खजानचंद्र की शिकायत पर जिस युवक को सरेराह पीटा, उसी के विरोध में मोहल्ले की महिलाओं समेत लोगों का गुस्सा फूटा। नागरिकों की भीड़ ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में ही पथराव किया था। पथराव में चार पुलिस कर्मी घायल हो गए तो फोर्स ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर दी।
आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने कई महिला और पुरुषों की पिटाई भी की थी। सीओ शर्मा ने पूरे मामले की जांच की थी। जांच में दरोगा अशोक कुमार यादव, सिपाही राहुल धामा, पवन कुमार, छत्रपाल सिंह, पुष्पेंद्र राना, कमल सिंह और बलजीत सिंह को दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी सौमित्र यादव ने दरोगा समेत सातों पुलिस कर्मियों को कोतवाली से हटा दिया है। इसका आदेश भी बुधवार को कोतवाली पहुंच गया। बता दें कि छह मार्च को गद्दीटोला में जमकर बवाल हुआ था। पुलिस कर्मियों ने साथियों की पिटाई का बदला लेने को जमकर उत्पात मचाया था।
...तो 164 के बयान नहीं
उझानी। गद्दीटोला मोहल्ले के खजानचंद्र ने भाकियू के पूर्व नगर अध्यक्ष नरोत्तम शाक्य समेत चार लोगों के खिलाफ घर में घुस कर मारपीट, तोड़फोड़ और महिला से अभद्रता का मामला दर्ज कराया था। इसे लेकर दो दिन अफवाह रही कि पुलिस महिला का 164 का बयान दर्ज कराके आरोपियों पर शिकंजा कसना चाहती है। सीओ सतीशचंद्र शर्मा की मानें तो ऐसी कोई बात थी ही नहीं तो किस आधार पर 164 का बयान दर्ज कराया जाए।
कोतवाली में हुड़दंग ने बिगाड़ा खेल
उझानी। होली के अगले दिन पुलिस कर्मी भी रंग खेलते हैं। चूंकि एक दिन पहले गद्दीटोला में बवाल हुआ था फिर भी पुलिस कर्मियों ने कोतवाली परिसर में रंग खेलते वक्त जमकर हुड़दंग किया। दो पुलिस कर्मी आपस में भिड़ भी गए थे। यह बात जब अफसरों को पता लगी, तो उन्होंने बेलगाम होते अधीनस्थों को सबक सिखाने की ठान ली थी। पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की दूसरी वजह यह भी सामने आई है।
उझानी कांड में धरना स्थगित
बदायूं। उझानी में होली पर गद्दीटोला में हुए पुलिस पब्लिक संघर्ष में पुलिस ज्यादती के खिलाफ भाकियू के बैनर तले मालवीय आवास पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उझानी कोतवाली प्रभारी देवराज राठी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि किसी के साथ ज्यादती नहीं होगी। जो कार्रवाई होनी थी, हो चुकी। इस आश्वासन पर धरना स्थगित कर दिया गया।
इससे पूर्व भाकियू जिलाध्यक्ष ठा. धर्मपाल सिंह और बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। बाद में भाकियू नेता ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होना जनता की जीत रही। सीओ ने जांच कर इस मसले पर न्याय संगत कदम उठाया है। पूर्व जिलाध्यक्ष चौ. सौदान सिंह, शहर अध्यक्ष हारुन गौस, भागमल यादव, शेर सिंह यादव, गंगा सिंह शाक्य, नरेंद्र सक्सेना, निरोत्तम शाक्य, श्रीराम यादव, श्यामा देवी, गंगा देवी, सर्वेश कुमारी, सतीश चंद्र साहू आदि मौजूद रहे।