उझानी (बदायूं)। लॉकडाउन को लेकर भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों और कार्यक्रमों पर रोक के साथ पिछले दो महीना में जिस तरह गंगा स्नान प्रतिबंधित किया गया, उसका साया दशहरा पर भी बरकरार रहेगा। सोमवार को गंगा दशहरा है। इसलिए पुलिस और प्रशासन ने श्रद्घालुओं को गंगाघाट से दूर रखने की रणनीति को भी अंतिम रूप दे दिया। गंगाघाट की सीमाओं पर कासगंज और बदायूं पुलिस की ओर से बैरियर लगा दिए गए। घाट पर पुलिस और पीएसी का पहरा रहेगा। इसके बाद भी कोई श्रद्घालु बैरियर तक पहुंच जाएगा तो उसे वापस घर लौटा दिया जाएगा।
दशहरा पर कछला घाट पर गंगा स्नान के लिए हर साल लाखों की संख्या में श्रद्घालु पहुंचते हैं। बदायूं और कासगंज जिले के ही नहीं, गंगा स्नान को पहुंचने वाले श्रद्घालुओं में राजस्थानियों की संख्या भी ज्यादा होती है। चूंकि लॉकडाउन की वजह से पूरे प्रदेश में धारा-144 भी लागू है, इसलिए भीड़भाड़ वाला धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं हो सकता। पिछले दो विशेष स्नान पर्वों पर ऐसा ही नजर आया था। दशहरा पर सोमवार को श्रद्घालुओं को गंगाघाट से दूर रखने के लिए जिले में आसपास के थानों को अलर्ट पर रखा गया है।
कछला गंगाघाट की ओर जाने वाले रास्ते में मुजरिया, कछला-सहसवान रोड और बरेली-मथुरा हाइवे पर पुलिस के बैरियर लगाए गए हैं। कासगंज की ओर से कछला घाट तक श्रद्घालुओं को रोकने के लिए सोरों कोतवाली पुलिस भी बैरियर पर वाहनों को रोकेगी। वितरोई मोड और कछला चौराहे पर उझानी पुलिस मुस्तैद रहेगी। घाट पर पुलिस और पीएसी के जवानों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रशासनिक अफसरों में एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, सीओ सर्वेंद्र कुमार और कछला नगर पंचायत के ईओ एसपी सिंह भी घाट पर नजर रखेंगे। एसडीएम और सीओ की ओर से रविवार शाम से ही सजग रहने की हिदायत दे दी गई है।
दुकानें लगाने को पहुंचे लोगों को लौटाया
उझानी। कछला घाट के नजदीक दशहरा पर दुकानें लगाने के लिए रविवार दोपहर में कुछ लोग सामान लेकर पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही कछला चौकी इंचार्ज ललित शर्मा ने दशहरा स्नान पर प्रतिबंध बताते हुए उन्हें बैरंग लौटा दिया। साथ ही अगले दिन भी घाट तक नहीं पहुंचने की हिदायत दी है। प्रसाद विक्रेताओं की झोपड़ीनुमा दुकानों को बंद करा दिया गया है।
दशहरा पर गंगा स्नान नहीं होगा। इसे लेकर शनिवार को ही गाइड लाइन जारी कर दी गई थी। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। श्रद्घालुओं को घर पर ही पूजन कर गंगा दशहरा मनाना चाहिए। बाहर निकले तो लौटा दिया जाएगा। - विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।