पक्के मकान बनाकर रह रहे लोग भी जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान पुलिस-प्रशासन ने पाया कि तमाम लोग अस्थायी झोपड़ीनुमा घर बनाकर रह रहे हैं। इसके साथ ही कई लोगों ने वहां पक्के मकान भी बना लिए हैं। जांच में सामने आया कि जिन लोगों ने पक्के मकान बना रखे हैं, उनमें से कुछ के नाम जमीन दर्ज है, जबकि कई मामलों में भूमि स्वामित्व को लेकर स्थिति संदिग्ध पाई गई। कई लोगों को बिजली कनेक्शन दिए जाने का मामला भी सामने आया। हैरानी की बात यह रही कि बिना किसी जांच-पड़ताल के मीटर तक लगाए गए थे। प्रशासन ने इस मामले में बिजली विभाग की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच के संकेत दिए हैं।
बिना अनुमति के बनाया गया धर्मस्थल
जांच के दौरान पुलिस-प्रशासन को परिसर में बिना अनुमति के संचालित मदरसा भी मिला। मदरसे में दो हुक्के रखे मिले और पढ़ाई के नाम पर फर्जी किताबें भी पाई गईं। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही मदरसा संचालक ताला लगाकर भाग गया। बाद में पुलिस के बुलाने पर वह कई आईडी एकत्र कर लाया और खुद को पास के गांव का निवासी बताया। यहां बिना अनुमति के धर्मस्थल भी बनाया गया। प्रशासन ने फर्जी मदरसा और प्रतिबंधित लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दिए।
पुलिस प्रशासन की टीम ने चलाया विशेष अभियान
- फोटो : संवाद
कई दुकानदार भी नहीं दिखा सके पहचान पत्र
आईडी जांच के दौरान कई दुकानदार मौके पर मौजूद नहीं मिले। बार-बार बुलाने के बावजूद वे सामने नहीं आए, जबकि दुकानें खुली रहीं। इसी तरह स्थायी रूप से घर बनाकर रह रहे कई लोग भी कार्रवाई से पहले ही घरों पर ताले डालकर भाग गए।
एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी ने बताया कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की आशंका को लेकर बड़े सरकार परिसर में अभियान चलाया गया। इस दौरान कुछ लोग बिना पहचान पत्र के मिले, जिन्हें हिरासत में लिया गया है। अन्य जनपदों से आकर वर्षों से अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाया गया है। अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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