बदायूं। दातागंज क्षेत्र के मुढ़ा पुल हादसे की जांच पुलिस ने पूरी कर ली है। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के लिए विवेचक ने जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेजकर शासन से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इस मामले में चार अभियंताओं के खिलाफ नायब तहसीलदार दातागंज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में तीन अभियंता दूसरे क्षेत्र की जिम्मेदारी निभा रहे थे, जबकि एक की जिम्मेदारी थी कि उसको अधूरे पुल की जानकारी होने के बाद भी प्रशासन को अवगत नहीं कराया। इससे गूगल मैप पर मार्ग चालू दिखा दिया गया।
दातागंज से बरेली को जोड़ने वाले अधूरे पड़े मुढ़ा पुख्ता पुल पर गूगल मैप देखते हुए नवंबर 2024 में एक कार सवार तीन युवक चढ़ गए थे। आगे जाकर कार नदी में गिर गई थी। इस मामले में जांच के बाद नायब तहसीलदार ने चार अभियंताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें गूगल मैप के क्षेत्रीय प्रबंधक को भी दोषी बताया गया था।
14 महीने चली विवेचना के बाद अब पुलिस ने इसमें अन्य अभियंताओं के नाम मामले से निकालकर सिर्फ एक अभियंता मो. आरिफ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की है। इसके लिए पुलिस ने डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजा है। अनुमति मिलने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा सकेगी।
इस मामले में कमिश्नर बरेली ने जांच कराई। इसमें पाया गया कि अधूरे पुल पर जाने वाले रास्ते को बंद नहीं किया गया था। इसके अलावा बेरीकेडिंग भी नहीं की गई थी। रिफलेक्टर, सांकेतिक बोर्ड नहीं लगे थे, एक पतली दीवार थी, वह भी टूटी हुई थी। इसे लापरवाही मानते हुए दातागंज के नायब तहसीलदार ने पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड बदायूं के सहायक अभियंता मो. आरिफ, अभिषेक कुमार, अवर अभियंता अजय गंगवार और महाराज सिंह के खिलाफ लापरवाही के कारण हादसा होने के मामले में मामला कराया गया था।
इनकी हुई थी हादसे में मौत
24 नवंबर को फर्रुखाबाद के एमादपुर हीरामन निवासी अजीत कुमार, चचेरे भाई नितिन और मैनुपरी के बिछावां निवासी कार चालक अमित सिंह के साथ गुरुग्राम से बरेली जिला के फरीदपुर क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान वह अधूरे पड़े मुढ़ा पुल पर कार लेकर चले गए, जो आगे जाकर रामगंगा नदी में गिर गई। इसमें तीनों की मौत हो गई थी। पुलिस ने तब बताया था कि कार में गूगल मैप खुला था, वह इसी के सहारे अधूरे पुल पर चढ़ गए थे।
हादसे के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट में एक दोषी अभियंता के खिलाफ विवेचक ने चार्जशीट तैयार कर ली है। कोर्ट में दाखिल करने से पहले शासन की अनुमति होना आवश्यक होती है। जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। इसके बाद आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। -केके तिवारी, सीओ दातागंज