अमर ज्याति कंपनी का बंद कार्यालय। संवाद
बदायूं। करीब 200 करोड़ रुपये हड़प कर भागी कंपनी के एजेंटों तक ही पुलिस की कार्रवाई सिमट कर रह गई है। निदेशकों का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। अब तक सात एजेटों को पुलिस जेल भेज चुकी है। एजेंटों के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
शहर के जालंधरी सराय में करीब 22 साल पहले शशिकांत मौर्य ने अमर ज्योति यूनिवर्स के नाम से फाइनेंस कंपनी खोली थी। इसमें आरडी, एफडी के जरिए धन दूना करने का लालच देकर करीब 15 हजार लोगों से निवेशक करवाया। उनसे करीब 200 करोड़ रुपये ठगा और अब कंपनी बंद कर भाग गए।
करीब चार सौ लोगों ने कंपनी के निदेशकों समेत एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में चार मुकदमे दर्ज कराए हैं। सदर कोतवाली पुलिस एजेंटाें पर कार्रवाई कर रही है। अब तक सात एजेंटों को जेल भेजा चुका है। जबकि निदेशक और उनके साथियों में से एक की भी गिरफ्तारी अब तक नहीं की गई है। एजेंटों के परिजनों का आरोप है कि उनको काम के बदले कमीशन मिलता था। पुलिस एजेंटों को परेशान कर रही है। उनके सामने आर्थिक संकट है। पैसा लेकर निदेशक भागे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- गरीब जनता के साथ जिसने भी धोखाधड़ी की है, उसको किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। जो इस इसमें लिप्त हैं उनकी जांच चल रही है। जांच में जिसका दोष सामने आ रहा है, उनको जेल भेजा जा रहा है। -डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी