दंगा नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए गठित क्विक रिजर्व टीम (क्यूआरटी) ड्यूटी में भी खेल हो रहा है। एसएसपी ने जिले सभी थानों में क्यूआरटी का गठन किया है। इनमें सिर्फ दो थाने ऐसे हैं जहां पुलिस कर्मियों की नियमानुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। बाकी थानों में नियमों को ताक में रख कर राजनीतिक पकड़ वाले पुलिस कर्मियों से ड्यूटी नहीं ली जा रही है। इन सिपाहियों के स्थान पर दूसरे सिपाहियों से क्यूआरटी कराई जा रही है।
थाना स्तर गठित क्यूआरटी को दो शिफ्टों में ड्यूटी करनी होती है। यह ड्यूटी 12-12 घंटे की होती है। दोनों शिफ्टों में 15-15 दिन की ड्यूटी करनी होती है। थाना मूसाझाग, सिविल लाइंस, बिनावर, उझानी, उसावां और वजीरगंज के थानेदार ड्यूटी में मनमानी कर रहे हैं। एसएसपी कार्यालय से जिन पुलिस कर्मियों की क्यूआरटी में 15-15 दिन की ड्यूटी लगाई जाती है थाना स्तर पर उनसे इतर दूसरे पुलिस कर्मियों को ड्यूटी पर भेज दिया जाता है। थाना स्तर पर ड्यूटी में मनमानी से कई पुलिसकर्मी खफा हैं। इससे क्यूआरटी का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा। मनमाने ढंग से क्यूआरटी में भेजे गए पुलिस कर्मियों में भी गुस्सा है। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी थानेदारों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
इस तरह की कुछ शिकायतें मिली हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। थाना स्तर पर अगर ड्यूटी में मनमानी हो रही है तो कार्रवाई होगी। -बालेंदुभूषण सिंह, एसपी देहात