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एफआईआर न कार्रवाई.. उसहैत पुलिस को क्लीनचिट देने की तैयारी

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बदायूं। उसहैत के भंद्रा गांव में अब्दुल बशीर की मौत के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार वालों को एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके फेफड़े खराब मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों का रवैया ही बदल गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब्दुल बशीर की मौत फेफड़े खराब होने से बताई। बताया कि उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। जबकि परिवार वालों द्वारा बनाया गया एक वीडियो स्पष्ट कर रहा है कि अब्दुल बशीर के साथ मारपीट हुई थी। उसकी पीठ पर मारपीट के निशान मौजूद थे। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है। अब यह माना जा रहा है कि उच्चाधिकारी पूरी तरह से उसहैत पुलिस को क्लीनचिट देने की तैयारी में है।
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शनिवार रात उसहैत पुलिस ने मांस तस्करी के शक में भंद्रा निवासी अब्दुल बशीर के घर पर छापा मारा था। पुलिस उसके बेटे नन्हे और उसके रिश्तेदार को तलाशने गई थी लेकिन दोनों घर पर नहीं मिले। परिवार वालों का आरोप था कि पुलिस अब्दुल बशीर को पकड़कर ले गई और गांव के बाहर ले जाकर उनकी पिटाई लगाई। उसी दौरान उनकी मौत हो गई। इसको लेकर गांव में करीब पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। रविवार दोपहर के समय अब्दुल बशीर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसी दौरान अब्दुल बशीर के बेटे ने छापा मारने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी थी। परिवार वालों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। आरोपी चाहे कोई हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इधर, देर शाम पुलिस ने अब्दुल बशीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया। जबकि अधिकांश मामलों में पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को एक गोपनीय दस्तावेज बताती है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब्दुल बशीर की मौत फेफड़े खराब होने से बताई गई, जबकि परिवार वालों द्वारा बनाए वीडियो में नजर आ रहा है कि अब्दुल बशीर के साथ मारपीट हुई थी। उसकी पीठ पर मारपीट के निशान मौजूद थे।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कैसे मान गई पुलिस
क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि कुछ समय पहले एक किशोर की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। फिर उसके शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा था कि किशोर की गला दबाकर हत्या की गई है। परिवार वालों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा लिया लेकिन उसहैत पुलिस ने किशोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानने से इंकार कर दिया। आज वही पुलिस मारपीट की बात छोड़कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दे रही है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह पुष्ट कर दिया कि अब्दुल बशीर बीमार था। इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गई।
दातागंज से लाइन हाजिर हुए थे एसएचओ
उसहैत थाने में तैनात एसएचओ अमृत लाल कुछ समय पूर्व दातागंज कोतवाली में तैनात थे। उस समय एक गांव की एक युवती ने तहरीर दी थी कि उसका अपहरण कर दुष्कर्म किया गया है। पुलिस पर रुपये लेकर मामला निपटाने का आरोप भी लगा था। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो युवती ने आत्महत्या कर ली। उसने सुुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार दातागंज पुलिस को ठहराया था। तब एसएचओ अमृतलाल को लाइन हाजिर किया गया था।
उसहैत मामले की जांच का कोई लिखित आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर जांच शुरू कर दी जाएगी। जो सच्चाई होगी, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। - जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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