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Budaun News: भारोत्तोलन और तीरंदाजी में जिले का नाम रोशन कर रहे खिलाड़ी

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विघ्नेश वशिष्ट
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बदायूं। प्रतिभा किसी साधन-सुविधा की मोहताज नहीं होती। इसका जीवंत उदाहरण जिले के युवा खिलाड़ी हैं। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां के खिलाड़ी अपने परिश्रम और जज़्बे के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। हाल ही में जिले के दो खिलाड़ियों ने उपलब्धियां हासिल कर बदायूं का नाम रोशन किया है। भारोत्तोलन में मानसी चामुंडा ने विदेश में देश को गौरवान्वित किया, वहीं तीरंदाजी में विघ्नेश वशिष्ठ ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले की खेल प्रतिभा को पहचान दिलाई।
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विदेशी धरती पर चमकीं मानसी चामुंडा

शहर के मोहल्ला जलांधरी सराय निवासी मुनेंद्र नारायण की बेटी मानसी चामुंडा ने भारोत्तोलन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। जुलाई 2025 में कजाकिस्तान के अस्ताना शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश से चयनित तीन भारतीय खिलाड़ियों में मानसी भी शामिल थीं। मानसी ने क्लीन एंड जर्क में 92 किलोग्राम और स्नैच में 74 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक जीता। इससे पहले 2025 में बिहार के राजगीर में 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक, 2024 में हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां में राष्ट्रीय युवा प्रतियोगिता में कांस्य पदक, 2022 में उज्बेकिस्तान के ताशकंद में चौथा स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।
तीरंदाजी में विघ्नेश की उड़ान
शहर के मधुवन कॉलोनी निवासी प्रशांत शंखधार के पुत्र विघ्नेश वशिष्ठ ने तीरंदाजी में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हाल ही में गुजरात में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स ऑफ इंडिया में विघ्नेश ने रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। विघ्नेश का कहना है कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी है।
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सुविधाओं की कमी बनी बड़ी चुनौती
जिले के खेल विशेषज्ञ रामदास यादव का कहना है कि बदायूं में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं का अभाव बड़ी चुनौती है। न तो यहां पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध हैं और न ही प्रशिक्षकों की संख्या। यही कारण है कि कई खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते और बेहतर कोचिंग व प्रशिक्षण के लिए अन्य जिलों या राज्यों का रुख करना पड़ता है।

विघ्नेश वशिष्ट

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