नगर निकायों के वार्ड मेंबरों को स्वच्छ भारत मिशन का स्वच्छता मिशन दूत बनाया जा रहा है। इसका काम शहर की नगर पालिका परिषद में तेजी के साथ शुरू भी हो गया है। शहर की नगर पालिका परिषद में 29 वार्डों के मेंबरों को उनके वार्ड क्षेत्र का स्वच्छता मिशन दूत बनाकर वहां पर साफ-सफाई रखने के साथ ही गंदगी फैलाने वाले कारकों की पहचान करने और उसे रोकने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं।
स्वच्छता मिशन दूत अपने क्षेत्र में गंदगी फैलाने वाले कमाऊ और बहाऊ शौचालयों की गणना करेंगे। साथ ही खुले में शौच जाने वाले लोगों की शिनाख्त करके पालिका परिषद को अवगत कराएंगे। उनके साथ में बतौर सहायक सफाई नायकों को प्रत्येक बतौर स्वच्छता मिशन अधिकारी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि शहर के प्रत्येक वार्ड को शुष्क शौचालयों से मुक्त किया जा सके, जिससे कि लोग खुले में शौच न जाएं।
स्वच्छता मिशन अधिकारी करेगा मॉनीटरिंग
बदायूं। स्वच्छता मिशन दूतों और उनके सहायकों के साथ सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार को स्वच्छता मिशन अधिकारी बनाया गया है, जिससे कि इस काम की मॉनीटरिंग लगातार और सही ढंग से की जा सके। शौचालय बनवाने के लिए आने वाले आवेदनों का सत्यापन वार्ड स्तर पर बने स्वच्छता मिशन अधिकारी करेंगे।
शहर में पाए गए थे 682 शुष्क शौचालय
बदायूं। नगर पालिका परिषद की ओर से वर्ष 2013 में हुए सर्वे 682 पात्र लोग ऐसे थे जिनके यहां पर शुष्क (कमाऊ) शौचालय थे। उसमें से कुछ लोगों ने बना भी लिए हैं। इन लोगों को ऑनलाइन आवेदन कराने के निर्देश दिए गए थे, जिसमें नगर पालिका परिषद को शौचालय बनवाने के लिए 370 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हो चुके हैं। सत्यापन कराने के बाद पात्रों को सूची में शामिल करके शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।
शासन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर नगर पालिका परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों के मेंबरों को स्वच्छता मिशन दूत और सफाई नायकों को स्वच्छता मिशन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। शहर में बहाऊ और शुष्क शौचालयों के प्रयोग पर रोक लगाने के साथ खुले में शौच जाने वालों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
-ललतेश सक्सेना, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद