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Budaun News: उम्र के अनुरूप होते हैं शारीरिक बदलाव, सजग रहें छात्राएं

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उझानी में अपराजिता कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के साथ मौजूद छात्राएं।
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उझानी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को सेहत का ख्याल रखने के साथ ही शारीरिक बदलाव से जुड़े टिप्स दिए गए। चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि ने कहा कि शारीरिक बदलाव उम्र के अनुरूप होते हैं। ऐसी स्थिति में छात्राओं को घबराने की जरूरत नहीं है। घर में मां या कॉलेज में शिक्षिकाओं को शारीरिक बदलाव की जानकारियां शेयर करने पर समाधान मिल जाता है।
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नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि ने छात्राओं से संवाद कर पहले उनकी दिक्कतों को समझा, फिर टिप्स दिए। कहा- शारीरिक बदलाव हरेक के जीवन में आते हैं। शुरुआती समय ऐसा होता है कि छात्राएं घबरा जाती हैं। वह मां, बहन या फिर परिसर की किसी भी महिला सदस्य से बदलावों के बारे में जानकारी शेयर करने की बजाय घुटन महसूस करने लग जाती है। यह सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित होता है। छात्रा किन्हीं कारणों से इसे लेकर मां- बहन से बात नहीं करती हैं तो उन्हें कॉलेज में शिक्षिकाओं से बात करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
चिकित्साधिकारी ने मौसम के बदलाव की वजह से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए छात्राओं को सजग रहने की सलाह दी। कहा- बुखार, जुकाम और खांसी इन्हीं दिनों में होती है। संचारी रोग से बचाव करना भी आवश्यक है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक (बीसीपीएम) मनीषा रस्तोगी ने छात्राओं को बेड और गुड टच के बारे में समझाया। कहा कि सोशल मीडिया से अच्छी बातों को ग्रहण करें। छात्राएं अपने परिजनों को भी सजग रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। पढ़ाई के दिनों में सिर्फ लक्ष्य के अनुरूप चलें। आगे चलकर उन्हें जो भी जिम्मेदारी निभानी पड़े, उसे पूरे मनोयोग से पूरा किया जाए। पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
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इससे पहले कॉलेज की प्रधानाचार्या वीरू सिंह ने छात्राओं को अपराजिता का महत्व समझाया। कहा कि अपराजेय रहकर समाज को नई दिशा प्रदान में करने में मातृ शक्ति का विशेष महत्व है। विषम परिस्थितियों में भी छात्राओं ने मिसाल पेश की है। समाज, विज्ञान, सरकारी नौकरियों और राजनीति में भी मातृ शक्ति ने सफलता अर्जित की है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका वसीम निगहत खानम ने किया।


छात्राएं बोलीं- हम हैं अपराजेय
- अपराजिता कार्यक्रम के समापन के बाद छात्राओं में खासा उत्साह दिखा। संवाद के दौरान जिन छात्राओं ने चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि से बात की, उनके साथ अन्य छात्राओं ने कॉलेज परिसर में ग्रुप फोटो शूट कराया। खुद को अपराजेय बताते हुए उन्होंने परिवार के साथ भी जानकारियां शेयर करने का संकल्प लिया। वह इसी संकल्प के साथ घर लौटीं कि खुद को हर स्तर पर सक्षम साबित करेंगी।
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