डीएम ने अभियान चलाकर मतदाता बनाने के दिए निर्देश
15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक चलाया जाएगा अभियान
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मद्देनजर रखते हुए मतदाता सूची का पुनरीक्षण का कार्य 15 सितंबर से शुरू होगा। इसके जनवरी में अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची को निर्विवाद और शुचितापूर्ण बनाने के लिए डीएम ने राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हेें इसकी जानकारी दी। साथ ही इस वक्त तैयार मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को दी, जिससे कि पुनरीक्षण किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम सीपी त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन की वर्तमान फोटोयुक्त मतदाता सूची के संबंध में 15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक दावे तथा अपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 20 एवं 30 सितंबर, 19 अक्तूबर और 16 नवंबर को ग्राम सभाओं, स्थानीय निकायों, और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठकों में मतदाता सूचियों को पढ़कर नामों का सत्यापन किया जाएगा। 18 एवं 25 सितंबर और नौ एवं 23 अक्तूबर को विशेष अभियान चलाकर राजनैतिक दलों के बूथ लेविल एजेंटो के साथ मतदान केंद्रों पर दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दो जनवरी को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। डीएम ने कहा कि बीएलओ की उपस्थिति अथवा उसके द्वारा सहयोग न करने की कोई समस्या होने पर संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को अवश्य बताया जाए। महिला मतदाताओं एवं नए मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। हैं।
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट, समाजवादी पार्टी के जिला सचिव बलवीर सिंह यादव, बसपा के जिलाध्यक्ष हेमंत गौतम, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के धीरपाल कश्यप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष साजिद अली सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।