नसीरपुर टप्पा मलसई में कमरे में फागिंग करता कर्मचारी। स्रोत विभाग
बदायूं। गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस बी से दो सगे भाइयों की मौत होने के बाद जिला स्तर से पहुंची टीम ने 129 लोगों की मलेरिया की जांच की थी, जो सभी निगेटिव निकली थीं। 29 सैंपल की जांच में चार लोगों में डेंगू की पुष्टि बुधवार को हुई थी, जिसे अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां की टीम गांव पहुंची। टीम ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही दवा का वितरण किया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी गांव की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
मलेरिया विभाग ने गांव में कराई फॉगिंग, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव शुरू
बृहस्पतिवार को जिला मलेरिया अधिकारी अमित तिवारी के निर्देशन में चार सदस्यीय टीम गांव पहुंची। वहां पहुंचकर टीम के सदस्यों ने डेंगू पॉजिटिव मरीजों के यहां फागिंग कराई। साथ ही गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने के लिए जागरूक किया। साथ ही जिन घरों में निरीक्षण के दौरान मच्छरों का लार्वा मिला। उन लोगों को नोटिस दिया गया।
डेंगू के मरीज सामने आने के बाद टीम गांव में भेजी गई थी। साथ ही एंटी लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई गई। गांव में अभी लोगों जांचें जारी हैं। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
नसीरपुर टप्पा मलसई में कमरे में फागिंग करता कर्मचारी। स्रोत विभाग