उझानी। सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए अफसरों ने मंगलवार अपराह्न में ही तीन सदस्यीय पैनल में डॉक्टरों के नाम तय कर दिए। पैनल में एक नाम को लेकर विरोध शुरू हो गया। मृतकों में एक परिजनों ने उस डॉक्टरों को फैक्टरी मालिक का करीबी बता दिया। लोगों में गुस्सा देख पुलिस ने अफसरों को अवगत कराया। इसके बाद नया पैनल बनाकर तीनों के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का जो तीन सदस्यीय पैनल बना, उनमें एक नाम पर मृतकों के परिजनों और उनके पैरोकारों को इसलिए भी शंका हुई कि उन्हें फैक्टरी मालिक के साथ देखा भी जाता रहा है। मृतक वीरभान के रिश्तेदार दयाचंद्र ने बताया कि विरोध की शुरूआत बसावनपुर के लोगों ने की। आरोप है कि फैक्टरी मालिक और डॉक्टर के बीच करीबी संपर्क रहा है। डॉक्टरों के पैनल में उनके रहते पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है। विरोध शुरू हो जाने की भनक पुलिस कर्मियों को भी लग गई। उन्होंने अपने अफसरों को अवगत करा दिया।
हालात के मद्देनजर अफसरों ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। आननफानन में नये डॉक्टर के नाम पर विचार किया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर का नाम शामिल कर उन्हें पोस्टमॉर्टम हाउस बुलवाया गया। इसके बाद ही पोस्टमॉर्टम शुरू हो पाया। सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि एक मृतक के परिजनों ने पैनल में शामिल एक डॉक्टर के नाम पर ऐतराज किया था। इसके बाद पैनल से उनका नाम हटाकर दूसरा नाम शामिल किया गया। दूसरे नाम पर मृतकों के परिजनों को ऐतराज नहीं था।