फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: काम पर लौटने लगे लोग, रोडवेज बसों में बढ़ी भीड़

विज्ञापन
बच्चों के साथ बस का इंतजार करती महिला महिला। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। भैया दूज के बाद शुक्रवार को बहनों के साथ ही भाई भी अपने काम पर लौटेंगे। दिल्ली जाने के लिए बसों की मारामारी रहेगी। सौ बसों की जगह मात्र 60 बसें ही दिल्ली मार्ग पर संचालित की जा रहीं हैं।
विज्ञापन

भैया दूज और दिवाली की छुट्टियां शुक्रवार से खत्म होने के कारण नौकरी-पेशा लोगों ने दोपहर बाद दूसरे प्रदेशों और जिलों को लौटना शुरू कर दिया। इससे यात्री वाहन कम पड़ गए। रोडवेज बसें खचाखच चल रहीं हैं। घंटों इंतजार करके थके लोगों ने माल भाड़ा ढोने वाले वाहनों का सहारा लिया।

पुलिस लाइन चौराहा, रोडवेज स्टैंड, आंबेडकर पार्क के अलावा नवादा पुलिस चौकी के पास सुबह से ही भीड़ रही। शुक्रवार को नौकरी पर पहुंचने के लिए लोग लौटना शुरू हो गए तो घंटों तक यात्री वाहनों का इंतजार करना पड़ा। बाइपास तिराहा और पुलिस लाइन चौराहा पर खड़े होकर लोग रोडवेज बस का इंतजार करते रहे।
विज्ञापन

लंबे इंतजार के बाद लोगों ने निजी वाहनों और माल वाहक वाहनों का सहारा लिया। गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को मुंह मांगा किराया भी चुकाना पड़ा। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों की ओर से किए जा रहे अतिरिक्त बसें लगाने और बसों के फेरे बढ़ाने के दावों को भी पोल खुल गई। रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ रही।



दो घंटे से पूछताछ केंद्र पर दिया आश्वासन
बिसौली क्षेत्र से आई हूं। छोटे बच्चे भी साथ हैं। गंजडुंडबारा जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहीं हूं। पूछताछ केंद्र पर दस मिनट में बस आने का आश्वासन दिया गया, लेकिन एक घंटा बीतने को है, बस नहीं आई है। करीब 50 यात्री परेशान हैं। - मिथलेश कुमारी



रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ ने तोड़ा रिकॉर्ड
रोडवेज बसें नहीं मिलीं तो रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ गए। इसके बाद 10:30 बजे 11 बजे आने वाली ट्रेन पर चढ़ने के लिए लोगों को पसीना बहाना पड़ा। करीब 40 से 50 यात्री टिकट लेने के बाद भी ट्रेन में चढ़ नहीं सके। उनको फिर से रोडवेज स्टैंड आना पड़ा है। परिवार के साथ हैं। अब यहां दो घंटे से रोडवेज की बस का इंतजार कर रहे हैं। -अरविंद कुमार



दिल्ली, बद्दी व गंजडुंडबारा के लिए बसें यात्रियों को कुछ देरी से मिल सकीं, लेकिन यात्रियों को असुविधा नहीं होने दी गई। बसों को हर रूट पर लगाया गया है। इसके बाद भी यात्रियों की संख्या अधिक रही। परेशानी सिर्फ ऐसे मार्ग के यात्रियों को हुई, जहां रोडवेज की बस सेवा नहीं है। -राजेश पाठक, एआरएम

बच्चों के साथ बस का इंतजार करती महिला महिला। संवाद

बच्चों के साथ बस का इंतजार करती महिला महिला। संवाद

बच्चों के साथ बस का इंतजार करती महिला महिला। संवाद

बच्चों के साथ बस का इंतजार करती महिला महिला। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें