बिसौली। होली समाप्त होते ही रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों की भीड़ एक बार फिर सड़कों पर दिखाई देने लगी है। रोडवेज की बसें न होने के कारण तमाम लोग जान जोखिम में डालकर डग्गामार बसों की छतों पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। रविवार को रामलीला ग्राउंड के सामने यात्रियों की भीड़ उमड़ने से कुछ समय के लिए जाम जैसे हालात बन गए। बाहर जाने की जल्दी में यात्री किसी भी तरह बसों में जगह बनाने की कोशिश करते नजर आए।
रोडवेज बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहनों में यात्रियों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। कई यात्री बसों के दरवाजों, खिड़कियों और यहां तक कि शीशों से अंदर घुसकर सीट कब्जाने की कोशिश करते दिखाई दिए। हालात ऐसे बने कि कई लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर बसों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ा। भीड़ के कारण बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग रोज़गार की तलाश में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पानीपत, सोनीपत, रोपड़ और आंवला समेत अन्य शहरों में मजदूरी करते हैं। होली का त्योहार मनाने के बाद अब ये लोग वापस अपने कार्यस्थलों की ओर लौट रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि पर्याप्त सरकारी बसें उपलब्ध न होने के कारण उन्हें मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में वाहनों में ओवरलोडिंग और अव्यवस्था के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
बदायूं डिपो की रिकॉर्ड कमाई, यात्रियों को मिली बेहतर सुविधा
बदायूं। होली के मौके पर रोडवेज के बदायूं डिपो ने आय और संचालन के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। डिपो ने इस बार समस्त फॉर्मेट संचालन प्रतिफल में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी आय अर्जित करते हुए करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई की। बरेली मंडल में बदायूं डिपो ‘आय प्रति बस प्रतिदिन’ और ‘लोड फैक्टर’ दोनों मानकों पर प्रथम स्थान पर रहा है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत डिपो प्रशासन ने सभी प्रमुख मार्गों पर सुदृढ़ बस संचालन सुनिश्चित किया। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त फेरे भी लगाए गए, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। डिपो के आंकड़ों के मुताबिक प्रति बस प्रतिदिन लगभग सात हजार रुपये की आय दर्ज की गई, जबकि लोड फैक्टर में भी करीब छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि परिवहन विभाग ने संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया। डिपो और कार्यशाला में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण के बाद ही चालकों और परिचालकों को ड्यूटी पर भेजा गया। जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं भी सामने आईं, जिसमें बिना टिकट यात्रियों को ले जाने वाले कुछ परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डिपो प्रशासन ने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय भी लिया है। लगातार दस दिनों तक ड्यूटी करने वाले उत्कृष्ट चालक-परिचालकों और अन्य कर्मियों को लगभग दस हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की संभावना है। वहीं, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 56 परिचालकों समेत अन्य दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए उच्च प्रबंधन को अवगत कराया गया है। संवाद
14 और 15 मार्च को चलेंगी अतिरिक्त बसें
डिपो प्रशासन ने बताया कि मार्च माह में बड़े सरकार के उर्स को लेकर विशेष बस व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा 14 और 15 मार्च को होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर भी अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। आगामी नवरात्रि और ईद-उल-फितर के त्योहारों पर भी यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बसों के फेरे बढ़ाने की योजना बनाई गई है, ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।
शहर में नवादा के पास निजी बस की छत पर बैठकर यात्रा करते लोग। स्रोत- स्थानीय नागरिक