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कुर्मी समाज के लोगों ने शिक्षा और व्यापार में बनाई पहचान

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बदायूं। कुर्मी समाज के लोगों का शहर व आसपास इलाके में खासा बाहुल्य है। इस समाज के लोगों का मुख्य पेशा कृषि रहा है लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज के लोगों ने काफी नाम किया है। समाज के तमाम लोग प्रशासनिक सेवा में हैं। कई युवा पुलिस और आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। समाज के लोग शिक्षक बनकर देश का भविष्य संवारने का काम कर रहे हैं। राजनीति में भी कई चेहरे अपनी पहचान बना चुके हैं और वह लगातार वर्षों से समाज सेवा करते आ रहे हैं। व्यापारिक क्षेत्र की बात करें तो यहां भी कई लोग आगे हैं। आज समाज के लोग तरक्की कर हर क्षेत्र में उनकी पहचान बन रही है।
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वाणिज्य कर के असिस्टेंट कमिश्नर हैं अजीत
- असिस्टेंट कमिश्नर अजीत कुमार सिंह मूलरूप से सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कुरऊ के रहने वाले हैं। उनके बचपन में ही पिता चल बसे थे लेकिन बड़े भाई का साथ हमेशा बना रहा। उन्होंने उन्होंने शुरुआती पढ़ाई बदायूं में की। बरेली कॉलेज में बीएससी और प्रयागराज में एमए, बीएड किया। साल 2015 में सहायक अध्यापक बने। इसी साल उनका पीसीएस में चयन हो गया था। इसके बाद वाणिज्य कर विभाग में उनकी पहली पोस्टिंग बरेली में हुई। साल 2018 में शाहजहांपुर और 2019 में मेरठ ट्रांसफर हो गया। मेरठ में वह सहायक आयुक्त वाणिज्य कर हैं। उनके बड़े भाई अनुज कुमार मौजूदा ग्राम प्रधान हैं।
आईआरएस बनकर तरुण ने बनाई पहचान
- कस्बा गुलड़िया निवासी तरुण कुमार राठौर दिल्ली में आयकर उप आयुक्त हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मिशन स्कूल और इंटर श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज से किया। साल 2006 में आईआईटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक किया। कुछ समय पुणे में नौकरी करने के बाद उन्होंने आईआईएम बंगलुरु से 2010 में एमबीए किया। उन्होंने सौर ऊर्जा में एक स्टार्ट अप का भी संचालन किया। 2012 में सिविल सर्विस परीक्षा में 349 रैंक हासिल कर भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी बने। इस दौरान उन्होंने एलएलबी भी कर लिया। अब प्रमोशन होकर तरुण कुमार आयकर विभाग में उप आयुक्त बन गए हैं। उनके पिता सतीश चंद्र सिंह गुलड़िया के चेयरमैन रहे। उनकी बहन राशि राठौर रोडियोलॉजिस्ट तो दूसरी बहन शिल्पी राठौर गायनाकोलॉजिस्ट हैं। जबकि चौथी बहन पारूल राठौर एमबीए कर दिल्ली में नौकरी कर रहीं हैं।
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गांव संवारने की इच्छा ने डॉक्टर प्रशांत को बनाया प्रधान
- सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव दहेमी निवासी डॉ. प्रशांत राठौर अपने गांव के प्रधान हैं। उनका परिवार कृषि से जुड़ा है। उन्होंने हाईस्कूल नजदीक द्रोपदी देवी इंटर कॉलेज और इंटरमीडिएट श्रीकृष्ण कॉलेज से किया। उन्होंने साल 2014 में डेंटल कॉलेज आजमगढ़ से बीडीएस किया। उसके बाद फरवरी 2015 में पार्वती स्कूल के नजदीक अपना क्लीनिक खोला। तब वह मरीजों की सेवा करते आ रहे थे। मई 2021 में उन्होंने गांव की सेवा करने की ठानी। गांव के तमाम लोगों ने साथ दिया। जब उन्होंने नामांकन कराया तो उनका काफिला बढ़ता चला गया और उन्हें लोगों ने प्रधान चुन लिया। आज वह ग्रामीणों की सेवा करने के साथ-साथ मरीजों की सेवा भी कर रहे हैं।
कपड़े की दुकान से हरप्रसाद ने शुरू किया काम, अब नामी मेंथा कारोबारी
-शहर से सटे गांव नगला शर्की निवासी हरप्रसाद सिंह पटेल की आज जिले में अलग ही पहचान है। उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की। साल 1980 में उन्होंने शहर में कपड़े की दुकान खोली थी। इसके बाद मेंथा के तेल का कारोबार शुरू कर दिया। चार साल बाद गांव के नजदीक मेंथा प्लांट लगाया। उस समय यह इलाके का सबसे पहला प्लांट था। उनके तीन बेटे हैं। इनमें सबसे बड़े यादवेंद्र पटेल और गजेंद्र पटेल मेंथा के तेल का कारोबार कर रहे हैं। सबसे छोटे बेटे तीथेंद्र पटेल राजनीति में पहचान बना रहे हैं। आज उनका नाम समाज में काफी ऊंचाई पर है।
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