दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना में भी न हुआ विद्युतीकरण
ब्लाक क्षेत्र की दारानगर बछेली ग्राम पंचायत में चार राजस्व गांव हैं। इनमें तीन गांवों में तो विद्युतीकरण हो चुका हैं लेकिन मजरा हाफिज नगला बिजली से वंचित है। जबकि बिजली के लिए गांव के लोग अर्से से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए वे पोलियो उन्मूल अभियान का बहिष्कार भी कर चुके हैं। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा नाराजगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना से खुद को वंचित रखने को लेकर है। ग्राम पंचायत के दारानगर, वछेली, उदैयानगला में इस योजना से करीब छह महीने पहले विद्युतीकरण कर दिया गया लेकिन हाफिज नगला को छोड़ दिया गया।
दरअसल, बिजली विभाग के अफसरों ने मजरा हाफिज नगला को राजस्व ग्राम ही नहीं माना, इसलिए उसको विद्युतीकरण से वंचित कर दिया गया। ऐसे में ग्रामीणों को अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। मजरे के ग्रामीणों का कहना है कि एक हजार की आबादी और यहां लगभग चार सौ वोटर होने के बावजूद उनके मजरे को कागजों में दर्ज नहीं किया गया है। यह खामी किस स्तर पर हुई, अब भी ग्रामीणों को समझ नहीं आ रही है। दारानगर बठेली की ग्राम प्रधान नीतू देवी कहती हैं कि मजरा हाफिज नगला में विद्युतीकरणी की लड़ाई जारी है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों की बात: शोपीस बन गए टीवी, फ्रिज
-रविन्द्र सिंह ने बताया क़ि उन्हें सात वर्ष पहले शादी में फ्रिज, कूलर और रंगीन टीवी मिला था जो कि आज भी वैसे ही रखे हैं। गांव में बिजली ही नही हैं। काफी प्रयास किया लेकिन गांव तक बिजली नही आ पाई।
-लीलावती ने बताया क़ि बिजली न होने का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है। लड़के मोबाइल चार्ज करने के लिए पड़ोसी गांव जाते हैं, जब तक नहीं लौटते हैं चिंता लगी रहती हैं। पता नहीं बिजली मिल भी पाएगी या नहीं।
-पूर्व प्रधान और हाफिज नगला निवासी रामदीन राजपूत ने बताया कि मजरा के लोगों ने बिजली की मांग को लेकर पोलियो का बहिष्कार कर दिया था, तब उसावां अस्पताल के प्रभारी डॉ सीपी आर्या और उसहैत के थानाध्यक्ष कमलेश सिंह ने गांव वालों की मांग ऊपर तक पहुंचने की बात कही लेकिन हुआ कुछ नहीं।
-हाफिज नगला के शंकरलाल राजपूत ने बताया कि हमारे गांव की आबादी लगभग एक हजार के करीब है और चार सौ वोटर होने के बाद भी विद्युतीकरण की चिंता किसी जनप्रतिनिधि को नहीं है। इससे लोग परेशान हैं। बुजुर्ग भी अपने जीते जी गांव में बिजली देखना चाहते हैं।
-ग्राम पंचायत दारानगर बछेली की प्रधान नीतू देवी ने बताया कि छह माह पहले जब गांव में विद्युतीकरण के लिए पोल आए तब मजरा वाले बिजली विभाग के अधिकारियों से मिले लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया।