उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी मंच की ओर से जिला पंचायत के पं. गोविंद बल्लभ पंत सभागार में आहूत आपात बैठक में जिलाध्यक्ष मुन्ना लाल यादव ने ग्राम पंचायत अधिकारियों की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोलने का ऐलान किया। कहा, उनकी वेतन और स्थानांतरण को लेकर बड़ी समस्याएं पैदा की जा रही हैं। इसका विरोध किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष यादव ने बीच सत्र में स्थानांतरण को लेकर विभागीय जिम्मेंदारों को निशाने पर लिया और कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी बड़े परिश्रम से देहात में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी पूरी निष्ठा और श्रम का उपयोग करता है। इसके बावजूद उसके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। मासिक वेतन तक समय से नहीं मिल पा रहा है। मध्य सत्र में उनके स्थानांतरण किए जा रहे हैं, जो शोषण की श्रेणी में आते हैं। रुके हुए वेतन, एरियर, बिना नोटिस निलंबन जैसी की शोषण की कार्रवाईयां हो रही हैं। जिलाध्यक्ष यादव ने चेतावनी दी कि अगर, ग्राम पंचायत अधिकारियों को शोषण बंद नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा। बैठक में संघ की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारी रामवीर सिंह और ग्राम पंचायत अधिकारी राम बहाुदर सक्सेना की पत्नी के देहांत पर शोक जताया गया। जिला महामंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने भी ग्राम पंचायत अधिकारियों के शोषण को बर्दास्त न किए जाने का संकल्प दोहराया। ओमकार सिंह, खालिद अली, वीर पाल ङ्क्षसह, रामाकांत, जैनेंद्र सिंह, श्रवण लाल, हरीओम, ब्रह्म नारायण, प्रवीन सक्सेना, राजनरायण, मनोज दुबे, मो. खालिद, छत्रपाल सिंह, अशोक सक्सेना, शिव सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।