कोलकाता के टाटा नगर में है महिला का मायका
खोजबीन में जुटे घरवाले, रास्ता भटकने की आशंका
पांच दिन पहले मायके पश्चिम बंगाल के टाटानगर जाने की कहकर बपनी तीन बेटियों के साथ घर से निकली महिला रास्ते में लापता हो गई। उसके गुम होने की भनक शुक्रवार शाम पति को उस वक्त लगी जब उसने टाटानगर निवासी साले को कॉल की। रास्ता भटकने की आशंका से परेशान घरवाले बच्चों समेत उसकी खोजगीन में जुट गए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरौल निवासी मिश्रीलाल पत्नी सुनीता समेत तीन बेटियों के लापता होने की भनक लते ही शनिवार सुबह कछला चौकी पर पहुंचा। बताया कि करीब सात साल पहले वह कोलकाता के टाटानगर से सुनीता को ब्याह कर लाया था। सुनीता से तीन संतान में सबसे बड़ी बेटी गौरी पांच साल की है। रेशमा तीन वर्ष और डेढ़ साल की मीरा है। सुनीता अपनी तीनों बेटियों के साथ 17 अक्तूबर घर से निकली थी। कछला चौराहे से मिश्रीलाल ने उसे बच्चों समेत कासगंज जाने वाली रोडवेज बस में बैठा दिया था।
सुनीता के पास सेलफोन भी था, लेकिन वह तीन दिन से स्विच ऑफ है। शुक्रवार शाम को मिश्रीलाल ने टाटानगर सुनीता के भाई को कॉल की तो उसने कहा कि वह तो अभी तक नहीं आई है। सुनीता एक-दो बार पहले भी अकेले ही टाटानगर जा चुकी है। रास्ता भटकने की आशंका जातते हुए मिश्रीलाल ने पुलिस को भी अवगत करा दिया है। सुनीता और तीनों मासूम बेटियों की खोजबीन में मिश्रीलाल ने नाते- रिश्तेदारियों में भी तलाश शुरू कर दी है। इधर, कछला चौकी इंचार्ज सुभाष यादव ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। फिर भी जानकारी हासिल की जाएगी।