महिला-पुरुषों ने 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ दी पूर्णाहुति
मोक्षदायनी को स्वच्छ रखने का संकल्प भी दिलाया
बमनौसी में चल रहे 24 कुंडीय महायज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का शनिवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। कथावाचक जयराम मोटलानी ने मोक्षदायनी को स्वच्छ बनाए रखने और नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया। महायज्ञ के दौरान इलाके के 201 ग्रामीणों ने गायत्री महामंत्र की गुरू दीक्षा ली।
महायज्ञ के अंतिम दिन कथावाचक जयराम मोटलानी ने त्याग और बलिदान की गाथा सुनाई। कहा कि भगवान उन लोगों की अग्निपरीक्षा लेते हैं जो त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति होते हैं। कसौटी पर खरा उतरने वाला व्यक्ति ही शक्तियों और कीमती अनुभवों का भंडार पाता है। यह तय कर लें कि नये कागज पर नई स्याही से नये युग का इतिहास लिखना होगा और जो चूक गया उसे हमेशा ही कसक रहेगी। उन्होंने गंगा की पवित्रता पर भी संदेश दिया। कहा कि मोक्षदायनी को स्वच्छ बनाए रखें।
मोटलानी ने कार्यक्रम में मौजूद 201 लोगों को गायत्री महामंत्र और तपोनिष्ठ श्रीराम शर्मा की गुरू दीक्षा भी दिलाई। गंगा सेवक मंडल का गठन कर सदस्यों को उनके दायत्वि से अवगत कराया गया। सदस्यों ने संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करके उसे मोटलानी को सौंप दिया। कथा में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान महिला ओर पुरुषों ने पूर्णाहुति देकर मंगल कामना की। इस मौके पर टोली नायक अनिल ठाकुर, रामवीर नेगी, रीना यादव, बी.ज्ञानेंद्र, संजीव कुमार शर्मा, सुखपाल शर्मा, रघुनाथ सिंह, नत्थूलाल शर्मा, अनिल राठौर, आशुतोष सक्सेना, माया, आरके सिंह, रामवीर, रजनी, भवेश शर्मा, जुगलकिशोर, बृजेश यादव, विद्यम सिंह यादव, सुरेश मिश्रा और बेचेलाल आदि मौजूद थे।