बिसौली में आचार्य प्रशिक्षण शिविर के दौरान अतिथियों का सम्मान करते आचार्य। संवाद
- फोटो : जिला चिकित्सालय में डीडीआरसी के सामने प्याऊ का उद्घाटन करती डीएम।
बिसौली। विद्या भारती की ओर से संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के छठवें दिवस पर वंदना सत्र में विद्या भारती की पंचपदी अधिगम पद्धति क्या, क्यों और कैसे विषय पर प्रभावशाली उद्बोधन हुआ। कार्यक्रम में अवनीश भटनागर ने पंचपदी अधिगम पद्धति की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे भारतीय शिक्षण परंपरा पर आधारित समग्र शिक्षण व्यवस्था बताया।
उन्होंने कहा कि यह पद्धति विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यवहार, संस्कार एवं कौशल के विकास पर समान रूप से बल देती है। पंचपदी अधिगम पद्धति केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों में चिंतन क्षमता, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का भी विकास करती है। सत्र के अंत में ब्रज प्रांत के कोषाध्यक्ष डॉ. राकेश सारस्वत ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में यशवीर, नरेंद्र दत्त शर्मा, विनय कुमार सिंह, नीरज कुमार शर्मा, संजीव कुमार यादव रहे।