पंचायतों में चल रही परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने को है। इस प्रक्रिया में क्षेत्र पंचायतों के वार्डों की प्रक्रिया पूरी हो पाती कि इससे पहले ही जिला पंचायतराज विभाग की भारी भूल सामने आ गई। क्षेत्र पंचायत के 41 वार्ड ही गायब हो गए। सूची भी बन गई और जिम्मेदारों के दस्तखत भी हो गए। ऐन वक्त पर यह प्रकरण पकड़ में आया तो सीडीओ ने जांच करा ली। वार्ड कम होने की बात साफ होने पर सवाल पैदा होने लगे हैं।
पंचायतों के अगले चुनाव नए परिसीमन पर होने हैं। परिसीमन प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है। शासन ने भरोसा कर जिला पंचायतराज विभाग को इसके लिए जिम्मेदार बनाया है। बताते हैं कि नए परिसीमन में क्षेत्र पंचायत के 1267 वार्ड बने। सूची तैयार हुई तो 13 ब्लाकों के 41 वार्ड इसमें शामिल ही नहीं हुए थे। सूची पर जिम्मेदार अधिकारियों ने दस्तखत भी कर दिए। सूची का सत्यापन किया जा रहा था कि पता लगा कि इसमें काफी वार्ड कम हैं। उपायुक्त एनआरएसएम आरपी सिंह के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम ने इसमें जांच की तो गड़बड़ियां सामने आ गईं। इससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई।
सीडीओ देवेंद्र सिंह कुशवाहा इस प्रकरण में बेहद गंभीर हैं। पटल प्रभारी पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है, वहीं जिला पंचायतराज विभाग और डीपीआरओ की इसमें जवाबदेही बन गई है। ----
1267 में रह गए 1226 वार्ड
क्षेत्र पंचायत के वार्ड परिसीमन में 1267 वार्ड बने हैं। जिला पंचायतराज विभाग की लापरवाही भरी चूक से 1226 वार्ड ही रह गए। समय रहते यह चूक पता ल गई। अब जिला पंचायत के वार्डों की भी निगरानी की जा रही है।
सीडीओ देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि परिसीमन पारदर्शी व्यवस्था के तहत होना है। इसकी व्यवस्था में कहीं चूक गैर जिम्मेदाराना कार्य में शामिल होती है। सूचियों में वार्डों की संख्या कम कर देना गंभीर मामला है। समय रहते इस चूक को पकड़ लिया गया है। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई भी होगी।