बदायूं। बारिश और बाढ़ की वजह से जिले में धान की फसल काफी प्रभावित हुई है। जैसे-तैसे किसान अपने धान को लेकर केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर तौल नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों की भीड़ शहर के सेंटर पर बढ़ रही है। उधर, किसानों की शिकायत पर भी अफसर खामोश हैं।
जिले में शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर से धान क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने जिले में 36 क्रय केंद्रों को समय से खोल दिए। तब से लेकर अब तक इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 50 हजार मीट्रिक टन (एमटी) की धान की खरीद हो सकी है। धान खरीद कम होने की मुख्य वजह देहात क्षेत्र में खुले क्रय केंद्र भी हैं। क्योंकि देहात क्षेत्र में बने धान क्रय केंद्रों किसानों से धान की खरीद नहीं की जा रही है। देहात क्षेत्र में केवल सांठगांठ के आधार पर ही धान की खरीद दलालों के माध्यम से हो रही है। आम किसानों को यूं ही वापस कर दिया था। ऐसे में किसान सेंटरों पर अधिकारियों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में किसानों ने शहर की मंडी में बने सेंटर की ओर से अपना रुख कर दिया है। इसकी वजह से शहर में लगातार भीड़ देखने के लिए मिल रही है।
भीड़ का नियंत्रण करने के लिए बांटे जा रहे टोकन
अभी तक धान खरीद में ऑनलाइन टोकन नंबर दिए जा रहे थे, लेकिन इस प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। अब ऑफलाइन टोकन नंबर दिए जा रहेे हैं। ऐसे धान बेचने वाले किसानों को संबंधित क्रय केंद्र पर जाकर धान बेचने के लिए अपना टोकन नंबर लेना पड़ रहा है। उसी के अनुसार धान बचे सकेंगे। जिले में सबसे ज्यादा भीड़ शहर में स्थित मंडी समिति मेें बने सेंटर के हैं। हालांकि यहां पर लगातार धान की खरीद हो रही है। फिर भी भीड़ खत्म नहीं हो रही है। हालात ये हैं कि यहां पर एक माह तक की वेटिंग तक पहुंच गई है।
बारिश की वजह से धान खरीद प्रभावित हुई थी, लेकिन अब तेजी से होने लगी है। उम्मीद है जल्द ही लक्ष्य के अनुसार खरीद कर लेंगे।
- प्रकाश नारायण, डिप्टी आरएमओ