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राहतः काशीपुर से शुरू हुई ऑक्सीजन सप्लाई, 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन मिली

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बदायूं। ऑक्सीजन की कमी के चलते लगातार हो रही भयावह स्थिति के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासन भी हालात काबू में करने को जुट गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को उत्तराखंड के काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई का रास्ता साफ हो गया है। रविवार सुबह तक काशीपुर प्लांट से ऑक्सीजन के 60 बड़े सिलिंडर मेडिकल कॉलेज पहुंच जाएंगे। शनिवार को बरेली से 45 सिलिंडर की सप्लाई मिलने के साथ मेडिकल कॉलेज को 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी मिल गई हैं।
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मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों के लिए 140 बेड की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार शाम तक यहां 52 कोरोना संक्रमित ऑक्सीजन पर थे। रविवार को संख्या बढ़कर 56 हो गई है। फिलहाल यहां 75 संक्रमितों का इलाज हो रहा है। शुक्रवार को ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत 260 सिलिंडर तक पहुंचने के कारण मेडिकल कॉलेज को बैकअप का इस्तेमाल करना पड़ा था। गंभीर संक्रमितों को ऑक्सीजन की जरूरत के बीच बरेली की ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने मांग के अनुरूप सप्लाई करने में असमर्थता जताई, तो आपात स्थिति पैदा हो गई। नोडल अधिकारी ऑक्सीजन सप्लाई डॉ. ज्ञानेंद्र ने इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद से प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह से हरकत में आ गया।
ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई बैठकों के बाद काशीपुर ऑक्सीजन प्लांट से सप्लाई लेने के लिए संपर्क किया गया। आखिर शनिवार को इसमें कामयाबी मिल गई। मेडिकल कॉलेज से एक टीम भी काशीपुर पहुंच गई है। रविवार सुबह तक काशीपुर से 60 बड़े सिलिंडर की सप्लाई मेडिकल कॉलेज पहुंच जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज को 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी मिल गई हैं। ऐसे में अब स्थिति में कुछ सुधार की गुंजाइश है।
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क्या है पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन
पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन एक ऐसी मशीन है जो स्वयं ऑक्सीजन बनाती है। सीएमओ के स्तर से यह 20 मशीनें मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में 20 गंभीर संक्रमितों जिनको ऑक्सीजन की जरूरत है उनके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत नहीं होगी। मरीज को कहीं भी किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस मशीन से ऑक्सीजन दी जा सकेगी। इसका यह भी फायदा होगा कि ऑक्सीजन के भारी भरकम सिलिंडर उठाने से भी छुटकारा मिल जाता है। यह आधुनिक मशीन बिजली से चलती है और हवा में मौजूद ऑक्सीजन को स्टोर करने के साथ फिल्टर कर मरीज के फेफड़ों तक पहुंचाने का काम करती है।
ऑक्सीजन की बचत होने से संभलेंगे हालात
पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन के इस्तेमाल के बाद 20 संक्रमितों को सिलिंडर से ऑक्सीजन की जरूरत खत्म हो जाएगी। यह मशीन हवा में मौजूद ऑक्सीजन का ही इस्तेमाल करती है। इसमें अलग से ऑक्सीजन रिफिल की कोई जरूरत नहीं होगी। इस मशीन के उपयोग के बाद मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की बचत होने लगेगी। सिलिंडर से ऑक्सीजन अन्य जरूरतमंद संक्रमितों को दी जाएगी। इधर, बरेली के बाद काशीपुर से भी ऑक्सीजन सप्लाई शुरू होने से स्थिति में सुधार की बात कही जा रही है।
ऑक्सीजन उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, हालात अभी ज्यादा बेहतर नहीं हैं। काशीपुर प्लांट से रविवार सुबह तक 60 सिलिंडर की सप्लाई मिल जाएगी। शनिवार को बरेली से 45 सिलिंडर की सप्लाई मिली है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 20 पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन भी मिल गई हैं। इन मशीनों के इस्तेमाल से ऑक्सीजन की खपत कम होगी। सीडीओ, एडीएम समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से ऑक्सीजन की सप्लाई में सुधार संभव हो सका है। - डॉ. ज्ञानेंद्र, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन राजकीय मेडिकल कॉलेज
देेर रात कार्रवाई में 21 सिलिंडर मिले थे भरे
बदायूं। देर रात सालारपुर और शहर में एसडीएम लाल बहादुर के नेतृत्व में छापे की कार्रवाई के दौरान 322 ऑक्सीजन सिलिंडर मिले थे। जिनमें से 21 सिलिंडर भरे हुए मिले। जिन्हें सुबह राजकीय मेडिकल कॉलेेज के लिए भेज दिए गए। साथ ही बाकी सिलिंडर को भरवाया जाएगा ताकि उनका उपयोग हो सके।
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