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खपत की मॉनिटरिंग के साथ ऑक्सीजन की कालाबाजारी पर भी नजर

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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की किल्लत के कारण बने आपात हालातों में अब तेजी से सुधार होने लगा है। मेडिकल कॉलेज के पास ऑक्सीजन बैकअप अब करीब 350 सिलिंडर तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बरेली, काशीपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार और हमीरपुर से ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई भी मिल रही है। दूसरी ओर ऑक्सीजन सप्लाई की मॉनिटरिंग के साथ कालाबाजारी पर भी नजर रखी जा रही है।
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कोरोना की दूसरी लहर में हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हुए हैं। करीब सौ लोगों का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। इस बीच पिछले 20 दिन से ऑक्सीजन की किल्लत के कारण मेडिकल कॉलेज में भर्ती संक्रमितों की कई बार जान पर बन चुकी है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मौतें भी हो चुकी हैं। ऑक्सीजन की लगातार किल्लत के बीच पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति और खपत की मजिस्ट्रेट निगरानी शुरू करा दी गई थी। इसके बाद आलात में सुधार होने लगा। दरअसल, एक ओर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की किल्लत थी वहीं दूसरी ओर निजी लोगों को लगातार ऑक्सीजन के सिलिंडर भी मिल रहे थे। ऐसे में कई सवाल उठे तो प्रशासन ने कालाबाजारी पर नजर भी रखनी शुरू कर दी।
इसके बाद झारखंड के बोकारो से पिछले दिनों 22.5 टन ऑक्सीजन की खेप लेकर रेलवे की एक ऑक्सीजन एक्सप्रेस बरेली पहुंच गई थी। ऑक्सीजन एक्सप्रेस आने के बाद जिले को मिलने वाली सप्लाई में भी इजाफा हो गया। खपत और आपूर्ति की मॉनिटरिंग के साथ कालाबाजारी पर नजर और आपूर्ति में इजाफा होने से अब मेडिकल कॉलेज में तेजी से बैकअप बढ़ने लगा है।
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मेडिकल कॉलेज में अब पर्याप्त ऑक्सीजन है। लगातार सप्लाई मिलने से अच्छा बैकअप बन गया है। आपूर्ति और खपत की मॉनिटरिंग के साथ कालाबाजारी पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल ऑक्सीजन को लेकर किसी भी अस्पताल में कोई समस्या नहीं है। - लाल बहादुर, एसडीएम सदर/सेक्टर मजिस्ट्रेट मेडिकल कॉलेज
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