फांसी पर लटककर किसान बनवारी द्वारा आत्महत्या किए जाने को लेकर शनिवार को पूरा गांव आक्रोश से भर गया। हाइवे पर करीब एक घंटे तक जाम रखा। हलका लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मांग भी की। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने के बाद ही जाम खुला।
बता दें कि कोतवाली के गांव कुआडांडा निवासी 65 वर्षीय बनवारी सिंह ने गांव के करीब ही एक पेड़ पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी। परिवार वालों का आरोप है कि हलका लेखपाल रसेद्र पाल सिंह द्वारा की गई अभद्रता और आत्महत्या के लिए उकसाने पर बनवारी सिंह ने यह कदम उठाया था। शनिवार को गांव के सैकड़ों लोग कोतवाली पहुंच गए। पुत्र लक्ष्मण ने हलका लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज न करने पर आक्रोशित भीड़ ने नगर के आसफपुर तिराहे पर हाईवे जाम कर दिया। एक घंटे तक हाईवे जाम रहा। एसडीएम गुलाबंचद्र ने आक्रोशित भीड़ को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन जाम नहीं खुला। हलका लेखपाल के खिलाफ उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही जाम खुला। पूरी भीड़ थाने पहुंच गई। पुलिस ने लक्ष्मण की तहरीर पर लेखपाल रसेद्र पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
जाम के कारण यात्री रहे परेशान
भीषण गर्मी में जाम के कारण लोग परेशान रहे। रोडवेज बसों मेेेेेेें तो बच्चों और महिलाओं को दिक्कत हुई। थोड़ी ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। कुछ वाहन चालकों ने इधर-उधर से निकलने की कोशिश भी की, लेकिन आक्रोशित भीड़ के सामने एक न चली।
तहसील दिवस में की थी मुआवजे की मांग
बनवारी सिंह ने पांच मई को तहसील दिवस में मुआवजा दिलाने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र में बारिश और ओलों से गेहूं की फसल उजड़ने की बात की गई थी। फसल उजड़ने से परिवार को आर्थिक तंगी झेलने की लाचारी भी बयां की गई। एसडीएम गुलाबंचद्र ने बताया कि इस शिकायती पत्र को लेकर जांच की जा रही थी। चेक वितरण की पहली लिस्ट में बनवारी सिंह का नाम नहीं था।