बदायूं। पावर कॉरपोरेशन की लापरवाही से जिले में विकास का पहिया तेजी से घूम नहीं पा रहा है। फोरलेन के निर्माण में पावर कॉरपोरेशन के पोल आड़े आ रहे हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग के द्वारा पावर कॉरपोरेशन को पोलों को हटाने के लिए पूरी धनराशि दी जा चुकी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी लगातार विभाग में संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि ये पोल दूसरी जगह पर शिफ्ट किए जा सके और बदायूं-गुन्नौर के फोरलेन का काम तेजी से आगे बढ़ सकेें।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब सन 2016 में बदायूं आए थे, तब उन्होंने बदायूं से गुन्नौर जाने वाली सड़क को फोरलेन किए जाने की घोषणा की थी। जिसे बाद में विभाग द्वारा बदायूं से उझानी और उझानी से गुन्नौर मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर फाइल शासन को भेज दी। जिसे शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई। क्योंकि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री ने बदायूं- गुन्नौर के चौड़ीकरण की घोषणा थी, उससे पूर्व ही बदायूं से कछला मार्ग के चौड़ी करण के लिए मंजूरी मिल चुकी थी। जो धनराशि बदायूं-कछला मार्ग के चौड़ीकरण के लिए मिली उसके तहत बदायूं से कछला तक रोड का चौड़ीकरण किया, जबकि उझानी से गुन्नौर की 45.40 किलोमीटर दूरी के लिए शासन से करीब तीन अरब 17 करोड़ रुपये प्रस्तावित हुआ। धनराशि मिलने के बाद में लोक निर्माण विभाग द्वारा इन दोनों रोडों का फोरलेन करने के लिए चौड़ीकरण करना शुुरू किया गया तो इस सड़क के चौड़ीकरण में वन विभाग के पेड़ और पावर कॉरपोरेशन के पोल आड़े आने लगे। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसको लेकर वन विभाग और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से पत्राचार किया गया। उन दोनों विभागों के द्वारा स्टीमेट तैयार कर लोक निर्माण विभाग को दे दिया। इसके बाद दोनों विभाग को अपेक्षाकृत धनराशि दे दी गई। जिसके चलते वन विभाग के द्वारा अधिकांश पेड़ों को चौड़ीकरण के रास्ते से हटवा दिया। कुछेक जगह पर ही पेड़ रहे गए हैं। जबकि पावर कॉरपोरेशन के द्वारा 857 पोलों की शिफ्टिंग का काम किया जाना था, लेकिन पावर कॉरपोरेशन द्वारा धनराशि लेने के बाद भी विभाग अधिकांश पोलों की शिफ्टिंग का काम पूरा नहीं किया गया जा सका है, जिसकी वजह से ये निर्माण कार्य अभी भी अधूरा रहा गया है।
अब तक हो चुका है एक अरब 42 करोड़ से काम
-मुख्यमंत्री द्वारा घोषित बदायूं से गुन्नौर फोरलेन का काम अभी अधर में लटका हुआ है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन अरब से अधिक की इस परियोजना में अब तक महज एक अरब 41 करोड़ 13 लाख रुपये के आसपास ही खर्च हो सका है।
बदायूं से गुन्नौर वाली सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इस काम में बिजली के पोल बाधक बने हुए हैं। जिसकी वजह निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रभावित चल रहा है। जबकि पावर कॉरपोरेशन को इसके लिए धनराशि भी दी जा चुकी है। पावर कॉरपोरेशन के द्वारा कुल 857 पोलों की शिफ्टिंग का काम किया जाना था।
-अमर सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग