बदायूं। ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के तहत गांवों में अभी तक जितने भी विकास कार्य कराए गए हैं। उनकी जांच कराने का शासन ने निर्णय लिया है। ताकि जो धनराशि विकास कार्य के लिए जिले को दी जा रही है। उसका धरातल पर उपयोग हो रहा है या नहीं। इसके लिए शासन के द्वारा जिले के तीन ब्लॉकों के 20 गांवों का चयन किया गया है, यहां जाकर ये टीम विकास कार्यों का जायजा लेगी। टीम के आने की सूचना पर सचिवों में खलबली मची गई है।
जिले में 15 ब्लॉक और 1038 राजस्व गांव है। इन गांवों के चहुमुखी विकास के लिए शासन द्वारा लगातार धनराशि ग्राम पंचायतों को मुहैया कराई जाती है। ताकि गांव में रहने वाले लोगों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर से मुहैया कराई जाए। जिससे वहां पर रहने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो। लेकिन शासन के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। ग्राम पंचायत स्तर से गांव मेें विकास कार्य के नाम पर कुछ भी नहीं कराया जा रहा है। बल्कि धनराशि की उपभोग जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी, कर्मचारी अपने कामों में कर रहे हैं। इसमें पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने ऑन लाइन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे भ्रष्टाचार पर काफी हद तक लगाम लगी है। फिर भी शासन ने विकास कार्यों की समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसकेे तहत शासन की टीम 22 से 27 दिसंबर के बीच बदायूं पहुंचेगी। साथ ही शासन के स्तर से चयनित जिले के तीन ब्लॉकों के 20 गांव में कराए गए विकास कार्यों का जायजा लेगी।
-बिसौली ब्लॉक: भानपुर, भिलौलिया, चंदपुरा, फतेहपुर वीरमपुर, मौजमपुर, पैगा भीकमपुर, स्वरूप
-दहगवां ब्लॉक: शादीपुर, समसपुर कूबरी, शेखूपुरा, सिरसा
-उझानी ब्लॉक: बरामालदेवी, बसोमा, हुसैनपुर, कठोली, नसरूल्लापुर, पल्लिया मेंहदी, सराय सावले
शासन की तरफ से विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए टीम आ रही है। जो गांव में विकास कार्य देखेगी। साथ ही अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।
डॉ. शरनजीत कौर, डीपीआरओ