बदायूं। सरकार की तरफ से शौचालय बनाने को दी गई धनराशि को लेने के बाद भी शौचालय पूर्ण नहीं करने वालों लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। अभी तक नोडल अधिकारियों द्वारा करीब 250 गांवों में निरीक्षण किया गया है, जहां तकरीबन पांच सौ लोग ऐसे में मिले हैं, जिनके द्वारा शौचालयों को पूर्ण नहीं किया गया है। ऐसे में विभाग द्वारा उन लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द वे शौचालयों का निर्माण पूरा कर लें, अन्यथा उनसे सरकारी धन की वसूली की जाएगी।
शासन की मंशा है कि देश में कहीं पर भी कोई पात्र लाभार्थी बिना शौचालय के न बचे। हर पात्र व्यक्ति को शौचालय बनाने के लिए धनराशि मुहैया कराई जाए। इसको लेकर शासन की ओर से 2011 में हुए बेस लाइन सर्वें को आधार माना गया था, जिसके आधार पर देश भर में गरीबों को चिह्नित करते हुए उन्हें शौचालय बनाने के लिए शासन से धनराशि दी गई थी, ताकि उनके शौचालय बन सकें और जिला ओडीएफ (खुले से शौच मुक्त) हो सके। इसी कड़ी में बदायूं में भी बेस लाइन सर्वे के अनुसार जिले मेें करीब तीन लाख परिवार ऐसे मिले, जो पात्रता श्रेणी में आते थे। विभाग द्वारा इन परिवारों के शौचालय बनवाए गए और इसकी रिपोर्ट विभाग द्वारा शासन को भेजी गई। उसके बाद में शासन ने विभाग को निर्देशित किया कि वह बेस लाइन सर्वे से अलग पात्र लाभार्थियों को चयन करें। उनका चयन कर सभी को धनराशि भेज दी गई, जिसके बाद में जिला ओडीएफ घोषित कर दिया गया।
अब शासन ने इसकी हकीकत जानने के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर इसकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद में प्रशासन स्तर से जिले में 136 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये नोडल अधिकारी अब गांवों में घर-घर जाकर शौचालयों की स्थिति जांच रह हैं कि वह बना है या नहीं। अगर बना है, तो उसका उपयोग किया जा रहा है या नहीं। इन कई बिंदुओं पर नोडल अधिकारी काम कर रहे हैं। उनके द्वारा अभी तक करीब 250 गांवों को चेक किया गया है। इसमें उनके सामने करीब पांच सौ परिवार ऐसे मिले हैं, जिन्होंने सरकार के द्वारा शौचालय बनाने के लिए दी गई धनराशि को ले लिया, लेकिन उसके बाद भी शौचालयों को पूर्ण नहीं किया गया है। नोडल अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट विभागीय उच्चधिकारियों को दी, जिसके आधार पर इन पांच सौ परिवारों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिसमें जल्द से जल्द शौचालय पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अगर जल्द ही शौचालय पूरे नहीं बनवाए तो उनसे सरकारी धन की वसूली की जाएगी।
नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो गांवों में जाकर शौचालयों की स्थिति देख रहे हैं। फिलहाल अब तक करीब 250 राजस्व गांवों का निरीक्षण हो चुुका है। इन गांवों में कुछ लोगों के शौचालय अपूर्ण मिले हैं। उन्हें नोटिस दिया जा रहा है, ताकि वे जल्द से जल्द इनको पूरा कर लें।
-डॉ. शरनजीत कौर, डीपीआरओ