बदायूं। चार दिन पहले जिला अस्पताल में भाजपा सांसद के करीबी एक व्यक्ति द्वारा डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर हमला किए जाने के मामले में गिरफ्तारी न होने पर हड़ताल का अल्टीमेटम दिया गया है। गुरुवार को सीएमएस कार्यालय में हुई बैठक में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सदस्यों ने डॉ. नितिन और फार्मासिस्ट पर हुए हमले की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि 29 जुलाई तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन हड़ताल शुरू देगा।
यह हमला 22 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ था। उस वक्त डॉ. नितिन कुमार सिंह इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर थे। उसी समय खुद को भाजपा सांसद का करीबी बताने वाला सचिन मौर्य कुछ साथियों के साथ अपनी बहन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। उसकी बहन ने इंजेक्शन लगाने को कहा था। इस पर डॉक्टर ने दो मिनट रुकने की बात कहते हुए बेंच पर बैठने का इशारा किया। उसी बेंच पर खून लगा देखकर आरोपी की बहन बिफर गई और डॉक्टर से अपशब्द बोलने शुरू कर दिए। इसके बाद उसका भाई और उसके दोस्त आ गए। उन्होंने डॉक्टर पर हमला बोल दिया और फार्मासिस्ट की डंडे से पिटाई कर दी। यह वाक्या सीसीटीवी कैमरें में कैद भी हो गया था। इस संबंध में डॉ. नितिन ने चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गुरुवार दोपहर सीएमएस कार्यालय में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के चिकित्सकों की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोपियों के नाम शामिल करने और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर 29 जुलाई तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई या उन्हें जेल नहीं भेजा गया तो हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान डॉ. उदयवीर सिंह, डॉ. आशु अग्रवाल, डॉ. फिरासत हुसैन, डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. अमित वार्ष्णेय, डॉ. गवेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ. रियाज अंसारी, डॉ. वागीश वार्ष्णेय, डॉ. मोहित यादव, डॉ. कप्तान सिंह, डॉ. गजेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
प्रांजल मौर्य ने लगाए गंभीर आरोप
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आलमशाह पक्का बाग निवासी प्रांजल मौर्य पुत्री अनिल मौर्य का आरोप है कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उसके और उसके भाई के साथ मारपीट की। उसके रुपये, आधार कार्ड, पहचान पत्र आदि लूट लिए। अगर डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह मालवीय आवास पर धरना देगी।
अस्पताल के सभी कैमरों की डीवीआर लेकर जांच कराई जा रही है। उससे जांच के बाद ही कार्रवाई तय की जाएगी। -ओमकार सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली