बदायूं। शहर के गांधी ग्राउंड में चल रहे नुमाइश मेले में हुए भीषण अग्निकांड में तबाह हुए 24 दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई कवायद नहीं की गई हैं। आयोजक आग की लपटों से उजड़े मेले को फिर से बसाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इसके लिए मेला ठेकादार ने पीड़ित दुकानदारों को दुकान की जगह के हिसाब से प्रति फिट पर एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का दावा किया हैं। साथ ही मेले के आयोजन का समय और बढ़ाया जाएगा, ताकि पीड़ित दुकानदारों के नुकसान की भरपाई कराई जा सके।
25 मई से गांधी ग्राउंड में नुमाइश मेला चल रहा है। मेला 30 जून तक चलना था। इसमें 120 से अधिक दुकानें लगाई गई थीं। बदायूं के अलावा बरेली, कासगंज, अलीगढ़, शाहजहांपुर और दिल्ली के दुकानदारों ने दुकानें लगाई थी। मेले समाप्त होने के मजह आठ दिन बचे थे, लेकिन सोमवार सुबह करीब आठ बजे भीषण आग लग गई। इससे 24 दुकानें जलकर खाक हो गई। दुकानों में रखा सारा सामान व नकदी तक जल गई।
मेला ठेकेदार संजीव अग्रवाल ने सभी दुकानदारों से उनकी क्षति का आंकलन किया गया। दुकानदारों का करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासनिक अमले के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी मेलास्थल पर पहुंचकर दुकानदारों को ढांढस बंधाया था। साथ ही उनकी आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन हादसे के दूसरे दिन भी प्रशासन की ओर से दुकानदारों की आर्थिक मदद के लिए कोई ऐलान नहीं किया गया है।
एसडीएम सदर मोहित सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। इसके बाद ही मुआवजे की बात स्पष्ट होगी।
मंगलवार को पीड़ित दुकानदार मेलास्थल पर तपती धूप में मायूस बैठे नजर आए। कुछ दुकानदार जला हुआ सामान समेटे नजर आए। अन्य दुकानों सन्नाटा पसरा रहा। मेला आयोजक संजीव अग्रवाल ने मेला अवधि बढ़वाने का आश्वासन दिया है।
मदद की आस में ताक लगाए बैठे दुकानदार
प्रशासनिक रिपोर्ट में अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग किन कारणों से लगी थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कहीं थी, लेकिन दुकानदारों ने छोटे गैस सिलिंडर की गैस लीक होने पर आग लगने का दावा किया था। इस कारण दोनों ही दावों पर आग लगने के कारण साफ नहीं हो सके है।
दुकानें जलने के बाद मायूस बैठे दुकानदार। संवाद- फोटो : kathua
दुकानें जलने के बाद मायूस बैठे दुकानदार। संवाद- फोटो : kathua