कुंवरगांव। थाना क्षेत्र में फर्जी आरटीओ के चालान के नाम पर भेजी गई एपीके फाइल साइबर ठगी का जरिया बन गई। सोशल साइट्स के माध्यम से लोगों के मोबाइल पर पहुंची इस फाइल को चालान से संबंधित समझकर कई लोगों ने फोन में इंस्टाल कर लिया। इसके कुछ देर बाद उनके बैंक खातों से यूपीआई के जरिये रकम निकलने लगी। चार लोगों के खातों से 20 हजार रुपये से अधिक निकाले जाने की शिकायत पुलिस तक पहुंची है।
पीड़ितों ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाते हुए बताया कि संबंधित लोगों के मोबाइल पर सोशल साइट्स के माध्यम से आरटीओ चालान नाम की एपीके फाइल भेजी गई थी। फाइल पर टच करते ही वह मोबाइल में इंस्टाल हो गई। इसके कुछ समय बाद उसी एपीके फाइल का संदेश उनके संपर्क में मौजूद अन्य लोगों के पास भी पहुंच गया। जिन्होंने इसे अपने मोबाइल में इंस्टाल किया, उनके बैंक खातों से कुछ देर बाद यूपीआई के माध्यम से रकम कटने लगी।
थाना क्षेत्र के गांव प्रहलादपुर निवासी शब्बीर अहमद के पंजाब नेशनल बैंक खाते से 18 सितंबर की रात पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 12,943 रुपये निकल गए। बैंक से जानकारी करने पर रकम अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। नगर के वार्ड संख्या एक निवासी विकास पोरवाल के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 4,980 रुपये और वार्ड संख्या तीन निवासी अमन कुमार के पीएनबी खाते से दो ट्रांजेक्शन में 2,876 रुपये कट गए। इसी तरह वार्ड संख्या नौ निवासी अबूजर अहमद ने बताया कि अनजान नंबर से भेजी गई फाइल को खोलने के बाद उनका व्हाट्सएप हैक हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर रुपये मांगे जाने लगे। उनके खाते में इस समय 45 रुपये थे, वह भी काट लिए गए। उन्होंने भी पुलिस से शिकायत की है।
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जागरूकता के बाद भी कर रहे लापरवाही
पुलिस और साइबर सेल की ओर से समय-समय पर अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी भी तरह की संदिग्ध एपीके फाइल मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टाल नहीं करने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद लोग फर्जी संदेशों में दिए गए लिंक या फाइल को बिना जांचे खोल देते हैं। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर ठग बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं।