बरेली से जयपुर जा रही डबल डेकर बस सोमवार रात करीब एक बजे अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में करीब 40 यात्री घायल हो गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इनमें महिलाओं समेत 10 यात्रियों की हालत गंभीर है। डीएम अवनीश राय और एसएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों से बात की।
बरेली-मथुरा हाईवे में डबल डेकर बस बरेली से जयपुर के लिए रात करीब 11 बजे निकली थी। बदायूं के उझानी में दहेमू की पुलिया के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा। बस पलटी खाकर खंती में जा गिरी। उस वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर जागे तो किसी के चेहरे तो किसी को सिर से खून बह रहा था। चीख-पुकार के बीच कई यात्री खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर निकले। हाईवे से होकर निकलने वाले वाहन सवार लोगों में से किसी ने रात में ही पुलिस को सूचना दी।
सीट और स्टेयरिंग के बीच फंसा मिला चालक का शव
प्रभारी निरीक्षक के साथ मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घायलों को बस के अंदर सीटों के बीच फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया। पुलिसकर्मियों को चालक का शव सीट और स्टेयरिंग के बीच फंसा मिला। मृत चालक की शिनाख्त पीलीभीत जिले में सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव नौगवां पकड़िया निवासी सुल्तान (35) पुत्र अशरफ के रूप में हुई।
बस सवार घायल यात्रियों में अधिकतर मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग बरेली और पीलीभीत के रहने वाले हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रात में ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। कई घायलों को उनके परिजन रात में मंगलवार तड़के ही मेडिकल कॉलेज से रेफर कराके बरेली ले गए। डबल डेकर बस इस रोड पर अवैध रूप से संचालित बताई जा रही है।
ये यात्री हुए घायल
नेहा पुत्री आरिफ, गुड़िया पत्नी अल्ताफ खां, नसीमा पत्नी जाहिद, जाहिरा पत्नी मुजम्मिल, सैफ खांन पुत्र जाहिद निवासी चमन नगरिया, थाना नवाबगंज, बरेली, मोहम्मद दानिश पुत्र अनीस, दिलशाद पुत्र पीरवख्श, मोहम्मद रेहान पुत्र दिलशाद, निवासी गुलाबनगर, बरेली, अफरोज पुत्र सादिक, निवासी अलीगंज, बरेली, किशवा पुत्री नदीम, कादिर पुत्र अब्दुल सईद, इसरार खां पुत्र इकबाल निवासी, बरेली, राजू पुत्र हिमायत, शानू पुत्र हिमायत, शाहरुख पुत्र नन्हे खांन, निवासी, देवरनिया, बरेली, परवेज पुत्र नासिर निवासी फरीदपुर, बरेली, मोहर सिंह पुत्र बाबूराम, दीपक पुत्र भूपसिंह निवासी पुराचौक बरेली, अनीसबानो पत्नी मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अहमद पुत्र रमजानी, आयान पुत्र मोहम्मद अहमद, मंशा पुत्री मोहम्मद अहमद निवासी कामदापुर, पीलीभीत, रुखसाना पत्नी अनवार, असलम पुत्र अनवार, अरमान पुत्र अनवर निवासी अभयपुर, देवरनिया, बरेली, जुनैद पुत्र जाकिर निवासी वाकरगंज, देवरनिया, बरेली, ईशा पुत्री इकबाल, सिदरा पत्नी इकबाल, मोहम्मद हुसैन पुत्र इकबाल निवासी देवरनिया बरेली, कृष्णा पत्नी बाबूराम निवासी पुराना शहर बरेली, युविका पुत्री मुकेश, मुकेश पुत्र गोकुल निवासी भोजमठ, थाना अजीतगढ़, जिला सीकर, राजस्थान, दीवान चंद्र पुत्र गोंदीलाल, पुराना शहर बरेली, आमिर पुत्र रमजानी निवासी पीलीभीत शानू पुत्र इम्तयाज, निवासी महूलपुर देवरनिया, बरेली।
घायलों को देख फूले स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पैर
हादसे के बाद घायलों को लेकर पुलिस के वाहन और एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आनी शुरू हुईं तो इमरजेंसी में स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या काफी कम पड़ गई। चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने आवासों पर मौजूद कर्मचारियों को भी बुला लिया। कई घायलों की मरहम- पट्टी स्ट्रेचर पर ही करनी पड़ गई। घायलों में कुछेक महिलाएं अपने बच्चों और परिजनों को तलाश रहीं थीं। स्वास्थ्य कर्मियों की हालत ऐसी हो गई कि उन्होंने किसी के पति तो किसी घायल के बच्चे को पहले रेफर कर दिया। अधिकतर घायलों को उनके परिजन मेडिकल कॉलेज में ही मिले।