बदायूं। महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है। इस दिन कछला गंगा घाट पर कांवड़िया जल भरने के लिए पहुंचते हैं। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भी खासी भीड़ रहती है। इस बार जिले के 142 शिवालयों पर जलाभिषेक किया जाना है। साथ ही 54 मंदिरों पर मेले लगेंगे। त्योहार पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डीएम निधि श्रीवास्तव ने कहा कि महाशिवरात्रि पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उपवास रखना, पूजा-अर्चना करना और परंपरागत तरीके से शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। जिले में 54 शिवालयों पर मेले भी लगेंगे। वहीं 142 शिवालयों पर जलाभिषेक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कांवरियों द्वारा गंगाजल लाकर शिव मंदिरों में चढ़ाया जाता है। शहरी व ग्रामीण अंचल के शिवालयों में काफी भीड़ रहती है। इस अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट सुरेश पाल व समस्त एसडीएम को निर्देश जारी कर खुराफातियों पर नजर रखने को कहा।
एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं व कांवरियों के आने-जाने के मार्गाें पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कछला गंगा घाट पर पीएसी के साथ गोताखोरों को लगाया गया है। कछला गंगा घाट पर एक दिन पूर्व से ही कांवरियों की भीड़ एकत्रित होने की संभावना के दृष्टिगत पूर्व से ही आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
यह अधिकारी रहेंगे तैनात
एसडीएम सदर मोहित कुमार को कछला गंगा घाट, तहसीलदार सदर रवीन्द्र प्रताप सिंह को बुर्रा गांव के शिव मंदिर पर, तहसील सदर के नायब तहसीलदार निरंकार सिंह को बिरुआबाड़ी मंदिर, तहसील सदर के नायब तहसीलदार अमित कुमार को हरप्रसाद मंदिर, तहसील सदर के नायब तहसीलदार हेमराज सिंह बोनाल को गौरीशंकर मंदिर पर तैनात किया गया है।
गंगा घाट पर गूंजने लगे हर-हर महादेव के नारे
कछला। गंगा घाट से महाशिवरात्रि तक चलने वाली कांवड़ यात्रा शनिवार को शुरू हो गई। गंगाघाट से जल भरकर मध्य प्रदेश के भिंड में जलाभिषेक करने के लिए शिव भक्त निकल पड़े। इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर होने वाले जलाभिषेक का आगाज हो गया है। सभी शिव भक्त 26 फरवरी को विभिन्न स्थानों पर जलाभिषेक करेंगे।
गंगा घाट पर बम-बम-भोले और हर-हर गंगे के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान रहा। कांवड़ यात्रियों की इस टोली में हरी किशोर, सतेंद्र, जयकेश, भोले, जितेन्द्र, शोभाराम आदि शिवभक्त गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े। सभी भक्त दिन रात की यात्रा के बाद महाशिव रात्रि को जलाभिषेक मध्य प्रदेश में करेंगे। संवाद