बदायूं। सपा नेता एवं कारोबारी रचित गुप्ता के ठिकानों पर केंद्रीय जीएसटी की कार्रवाई के बाद जिले में वर्षों से चल रहे अवैध कारोबार और उस पर विभागीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब डीएम की ओर से तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी।
तीन सदस्यीय टीम में जीएसटी, राजस्व विभाग की ओर से एडीएम और खाद्य सुरक्षा विभाग अधिकार इस मामले की संयुक्त जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे।
छोटे दुकानदारों पर सख्ती, बड़े कारोबार पर सवाल
जिले में छोटे दुकानदारों के यहां विभिन्न विभागों की टीमें नियमित रूप से जांच करती हैं और छोटी-छोटी कमियों पर भी नोटिस व कार्रवाई होती है, लेकिन इतने बढ़े कारोबार लंबे समय तक बिना किसी बड़ी जांच के चलते रहते हैं। ऐसे में कार्रवाई के बाद अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि निगरानी का पैमाना सभी के लिए समान क्यों नहीं रहा।
अब विभागीय जिम्मेदारी भी जांच के घेरे में
कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर भी हैं कि संबंधित विभाग अपने स्तर पर क्या कदम उठाते हैं। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही व नियमों के पालन में चूक सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो रचित गुप्ता के मामले में जांच करेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश राय, डीएम