बदायूं। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी हेलीपैड योजना जिले में जमीन तलाशने की प्रक्रिया में ही उलझ गई है। सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक हेलीपैड विकसित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जिले के 12 ब्लॉकों में उपयुक्त भूमि अधिकारी नहीं तलाश पाए। केवल तीन स्थानों पर जमीन चिह्नित हुई है।
हेलीपैड निर्माण की योजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, वीआईपी आवागमन, मेडिकल इमरजेंसी और प्रशासनिक जरूरतों के समय त्वरित हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है। इसके लिए राजस्व विभाग को प्रत्येक ब्लॉक में पर्याप्त क्षेत्रफल वाली सरकारी भूमि चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई। जिले के 15 ब्लॉकों में से अधिकांश स्थानों पर या तो सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं मिली या फिर चयनित भूमि निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतर सकी। छह माह बाद भी केवल तीन स्थानों पर ही जमीन चिह्नित की जा सकी है। इसमें म्याऊ, समरेर और दातागंज इन स्थानों के प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग के माध्यम से शासन को भेज दिए गए हैं। जिले की पांच तहसीलों में से सदर, सहसवान, बिसौली, बिल्सी में राजस्व विभाग की टीम को एक भी जगह ऐसी नहीं मिली।
इधर, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन नरेश कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से तीन जगहों को चिह्नित करके जगह उपलब्ध कराई गई है। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन के लिए भेज दिया गया है। शेष ब्लॉकों में भी राजस्व विभाग की ओर से भूमि तलाश कर दे दी जाएगी। इसके बाद में उनका भी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा।