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अफसरों को नहीं दिखता जाम

Mon, 02 Oct 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
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jaam - फोटो : File Pic
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नई सरकार के नए प्रयासों से कई व्यवस्थाओं में बदलाव होता नजर आ रहा है। लेकिन शहर की बेलगाम यातायात व्यवस्था पर किसी का बस नहीं है। दिन भर लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। अगर इसके कारणों पर गौर करना शुरू करें तो सड़कों पर दौड़ रहे बेलगाम टेंपो जाम का मुख्य कारण हैं। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के दावे भी चालकों की मनमानी के चलते हवा हवाई साबित हो रहे हैं। चालक प्रमुख चौराहों पर जहां तहां खड़े होकर सवारियां बैठाते हैं। पास खड़े पुलिस कर्मी भी मूक दर्शक बने रहते हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम जाम का हाल जानने पहुंची तो टेंपो चालकों की मनमानी सभी चौराहों पर देखने को मिली।        
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सीन-1 : दोपहर दो बजे रोडवेज चौराहा       

रोडवेज बस स्टैंड गेट पर रोजाना की तरह टेंपो वालों की मनमानी दिखाई दी। बस स्टेंड से लावेला चौक, पुलिस लाइन चौराह, कलेक्ट्रेट तिराहा जाने वाले रास्तों पर चालक टेंपो बीच रोड पर खड़ा कर सवारियां भरते नजर आए। यहां से ट्रैफिक पुलिस की क्रेन गुजरी तो चौराहा एक दम खाली हो गया। चंद कदम की दूरी पर बस स्टेंड पुलिस चौकी है। यहां तैनात पुलिस कर्मी सुबह और रात में बाहर निकलते हैं। जाम से इन्हें कोई मतलब नहीं है। दोपहर में ट्रैफिक पुुलिस कर्मियों की मौजूदगी में लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन लोगों को जाम से निजात नहीं मिलती है।      

सीन-2 : अपराहन तीन बजे छह सड़का चौराहा       
शहर के बीचों बीच मेन मार्केट में छह सड़का चौराहा पर कोतवाली पुलिस ने नाम के लिए बेरियर लगा रखे हैं। चौराहे से होते हुए साहूकारा, घंटा घर, सर्राफ बाजार, जामा मस्जिद की ओर धड़ल्ले से निकलने वाले टेंपो की वजह से लोगों का पैदल निकला तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय व्यापारी बतातें हैं कि चौकी सिर्फ नाम की है, चौकी इंचार्ज तो छोड़िए कोई सिपाही तक यहां बैठना नहीं चाहता। सिर्फ टेंपो वालों से वसूली के चक्कर में पुलिस वाले भटकते दिखाई देते हैं।   
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