बदायूं। विकास भवन स्थित एनआरएलएम कार्यालय में आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों की गर्दन पूरी तरह से फंस चुकी है। शासन द्वारा जिला प्रशासन से इन सभी कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी गई है। अब प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो एनआरएलएम से जुड़े कई कर्मचारी ब्लैक लिस्टेड किए जा सकते हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण गरीब परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और विभिन्न योजनाओं के जरिये उनकी गरीबी दूर करने का उद्देश्य है। इसके तहत विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर रखा गया था, लेकिन कर्मचारियों के स्तर से अपने पद के दायित्व के अनुसार काम ठीक प्रकार से नहीं किया जा रहा था। इसकी शिकायतें लगातार जिलास्तरीय अधिकारियों से की जा रही थीं, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। लोगों ने इसकी शिकायत शासन स्तर से की। शासन स्तर से इनके खिलाफ जांच के निर्देश दिए गए। इसको लेकर सीडीओ निशा अनंत ने एनआरएलएम कार्यालय में छापामारी की। शासन से मिले बिंदुओं की सीडीओ ने जांच की तो कई अन्य मामले भी सामने आए। सीडीओ ने पूरी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी है। सूत्रों की मानें तो मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से शासन ने जिला प्रशासन से सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भी रिपोर्ट अलग से मांगी है, जिसके आधार पर इन कर्मचारियों को ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है। अब जिला प्रशासन की ओर से एनआरएलएम के कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही ये रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
एनआरएलएम में जो भी अनियमितताएं हुई हैं, उनकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। आगे के निर्देश मिलने के बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एनआरएलएम के कर्मचारियों की रिपोर्ट अलग से तैयार की जा रही, जो शासन को भेजी जाएगी।
- निशा अनंत, सीडीओ