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Budaun News: अब नियम-कानून ताक पर रख मानने लगे बाहर के अल्ट्रासाउंड

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महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने को आए मरीज। संवाद
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बदायूं। सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर महिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज सबके अपने-अपने बहाने हैं। परेशान मरीज हो रहा है। इन सबके बीच जिला अस्पताल के डॉक्टर भी अब सारे नियम-कानून ताक पर रखकर बाहर के अल्ट्रासाउंड को मानने लगे हैं। ये वही डाक्टर हैं जो अब तक बाहर के अल्ट्रासाउंड को देखने तक से मना कर देते थे।
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जिला अस्पताल में हर रोज 20 से 25 मरीज ऐसे आते हैं जिनको हेपेटाइटिस बी व सी की वायरल लोड की जांच के लिए सेंपल देना होता है। इससे पहले उनको अल्ट्रासाउंड समेत कई अन्य जांचें भी करानी होती हैं। जिला अस्पताल में करीब 80 दिन से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। कुछ लोग महिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज जाकर अल्ट्रासाउंड करा लेते थे, लेकिन यहां भी करीब 20 दिन से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे। ऐसे में मरीजों के वायरल लोड के सेंपल अटक गए हैं।

मरीजों की परेशानी व समस्या को देखते हुए अब डॉक्टरों ने भी प्राइवेट में कराया गया अल्ट्रासाउंड मान्य कर दिया है। बिसौली निवासी चमन पाठक ने बताया कि करीब 20 दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। अब डॉक्टर ने प्राइवेट अल्ट्रासाउंड पर ही वायरल लोड का सेंपल करा दिया है। तब कहीं जाकर समाधान हो सका है। वहीं सिचौली गांव निवासी राजेश का भी कुछ इसी तरह का ही कहना था। उनका भी सैंपल वायरल लोड का ले लिया गया है।
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डॉक्टर बोले, मजबूरी में मान्य करना पड़ रहा बाहर का अल्ट्रासाउंड
डॉ. एसएम कमल का कहना है कि मरीज लगातार अल्ट्रासाउंड के लिए परेशान हो रहे थे। हालांकि प्राइवेट लैब का अल्ट्रासाउंड मान्य नहीं किया जाता, लेकिन मरीजों की समस्या बढ़ती ही जा रही है। यही वजह है कि मजबूरी में प्राइवेट लैब की जांच को भी शामिल करना पड़ रहा है। जब जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होने शुरू हो जाएंगे तो बाहर के अल्ट्रासाउंड नहीं माने जाएंगे।

महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने को आए मरीज। संवाद

महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने को आए मरीज। संवाद

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