बदायूं। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बदलाव किया गया। अब इन स्कूलों में टाइम टेबल तय करने का अधिकार संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दिया जाएगा। इससे स्कूल अपने स्थानीय परिवेश और जरूरतों के अनुसार पढ़ाई की बेहतर योजना बना सकेंगे।
प्रदेश में अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों के लिए एक समान टाइम टेबल जारी किया जाता था। हालांकि कई बार यह समय-सारणी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नहीं होती थी। इससे विद्यालयों को उसका सख्ती से पालन करने में कठिनाई होती थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम, परिवहन और अन्य परिस्थितियों के कारण समय-सारणी को लागू करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। नई व्यवस्था के तहत अब प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए टाइम टेबल तैयार करेंगे। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और शिक्षण कार्य अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।
शिक्षक भी अपनी सुविधा और छात्रों की आवश्यकता के अनुसार विषयों का बेहतर समन्वय कर सकेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा। स्थानीय स्तर पर समय-सारणी तय होने से विद्यार्थियों को अधिक लाभ मिलेगा और पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि उनके लिए अनुकूल समय में पढ़ाई संभव हो सकेगी।
हालांकि इसके साथ ही प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। उन्हें यह तय करना होगा कि समय-सारणी संतुलित हो और सभी विषयों को उचित समय मिले। साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि पढ़ाई का स्तर प्रभावित न हो। इस संबंध में बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि शासन की ओर जो निर्देश दिए हैं। उसके बारे में सभी को अवगत कराया जा रहा है।