बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। नई शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक शैक्षिक सत्र में 10 बैगलेस डे (बिना बैग वाले दिवस) अनिवार्य कर दिए हैं। इन दिनों छात्र-छात्राएं स्कूल तो आएंगे, लेकिन बैग नहीं लाएंगे।
जिले के स्कूलों में बैगलेस डे के दौरान बच्चों को स्थानीय शिल्पकारों, कारीगरों और विभिन्न व्यवसायों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही विज्ञान प्रयोग, योग, खेलकूद, कला, हस्तशिल्प, पौधरोपण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अन्य जीवन कौशल आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार के अनुसार, नई व्यवस्था से बच्चों पर केवल रटने का दबाव कम होगा और वे सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक तरीके से समझ सकेंगे। सभी विद्यालयों को बैगलेस डे का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैगलेस डे का उद्देश्य
- रटने के बजाय समझ आधारित शिक्षा
- बच्चों में व्यावहारिक कौशल विकसित करना
- नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को लागू करना
- पढ़ाई को रोचक और तनावमुक्त बनाना
- विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना