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अब सीबीसीआईडी करेगी किशोर हत्याकांड की जांच

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बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र के गभियाई नगला के 14 वर्षीय सतेंद्र हत्याकांड की जांच शासन ने सीबीसीआईडी को सौंपी है। इस समय इसकी जांच थाना पुलिस कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि होने से पुलिस आत्महत्या मान रही थी। इससे परिवारवालों की शिकायत पर शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। अब विशेष सचिव ने विवेचना बदलने के आदेश दे दिए हैं।
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मामला 13 सितंबर 2020 का है। उस दिन अलापुर थाना क्षेत्र के गांव गभियाई नगला निवासी सतेंद्र (14) पुत्र रूम सिंह बटाई पर लिए गए खेत पर सिंचाई करने गया था। परिवार वालों का आरोप था कि उसी समय उनके गांव का अच्छन पहुंच गया था। उसने रूम सिंह के खेत से निकालकर पानी का पाइप अपने खेत की ओर मोड़ लिया था। जब सतेंद्र ने ये देखा तो उसने पाइप मोड़ने का विरोध किया। उसी दौरान अच्छन ने सतेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी और नजदीक में पेड़ पर रस्सी से सतेंद्र के शव को लटका दिया। उसके दोनों पैर जमीन पर टिके हुए थे। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन पोस्टमार्टम कराने के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया और न ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि होना बताई गई थी। कई दिन तक परिवार वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कराने को भटकते रहे लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
थक हारकर परिवार ने शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य से शिकायत की। परिवार की पैरवी में नौ जून 2021 को शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। इस पर संज्ञान लेते हुए विशेष सचिव कुमार प्रशांत ने पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने के निर्देश दिए हैं। विशेष सचिव ने ये भी आदेश दिया है कि तीन माह के उपरांत इसकी जांच रिपोर्ट के बारे में भी अवगत कराएं।
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पुलिस ने आत्महत्या का मान लिया था मामला
- किशोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा उसके शरीर पर चोटों के निशान भी नहीं मिले थे। पुलिस का कहना था कि अगर उससे खींचतान होती, उसके शरीर पर खरोंचों के निशान जरूर मिलते। वहीं दूसरी ओर मौके के हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। किशोर के पैर जमीन टिके हुए थे। अगर वह सीधा खड़ा होता, तो फंदा नहीं लगता।
परिवार को अब न्याय मिलेगा : धर्मेद्र शाक्य
- परिवार ने मुझे शव के लटके हुए जो फोटो दिखाए उससे मामला हत्या का लग रहा था। इतनी कम उम्र का बच्चा आत्महत्या भी आखिर किस वजह से करेगा। पुलिस ने पकड़े हुए आरोपियों पर भी सख्ती नहीं की और छ़ोड़ दिया। तब सीबीसीआईडी जांच की सिफारिश मैंने की थी। अब परिवार को न्याय की उम्मीद बढ़ गई है। - धर्मेंद्र शाक्य, विधायक, शेखूपुर
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