बदायूं। जिले में पीएम आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया गया है। जिले स्तर पर अब तक हुई आवेदनों की जांच में 635 लोगों के आवास स्वीकृत हो गए हैं। यह लोग अभी तक कच्चे मकान में रह रहे या फिर सिर्फ जमीन है। अब सरकार इन्हें पक्की छत देगी। जल्द ही इन लोगों को किस्त जारी होगी।
केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत दिसंबर से अभी तक जिलेभर में 28 हजार लोगों ने आवेदन किया है। इन आवेदनों की जांच डूडा विभाग की ओर से कराई जा रही है। 20 मार्च तक की हुई जांच में 635 लोग पात्र पाए गए हैं। यह लोग अभी तक कच्चे मकान में रह रहे या फिर सिर्फ जमीन है। सरकार की इस योजना से इन लोगों को पक्की छत बनवाकर पक्के घर का मालिक बनाएगी। वहीं, योजना के तहत तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये पात्र व्यक्ति के खाते में पहुंचाए जाएंगे। उम्मीद है कि जल्द ही इनके खातों में धनराशि भेज दी जाएगी। संवाद
अब तक 17412 लोग बनवा चुके हैं आवास
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 की शुरुआत 2017 में हुई थी। तब से लेकर सितंबर तक 17,812 आवास बनाने का लक्ष्य आया था। इसमें से अभी तक 17,412 लोगों को सरकार की ओर से पक्के आवास बना दिए गए हैं। बचे हुए 394 में से 199 ऐसे हैं, जिन्होंने निर्माण शुरू नहीं किया। डूडा की ओर से इन लोगों को तीन बार नोटिस भी जारी की गई है। अब विभाग फिर से इन्हें नोटिस देने की तैयारी में है।
मृतकों के आश्रित से होगी रिकवरी
पीएम आवास योजना 1.0 में जिले में 50 ऐसे पात्र हैं। जिन्हें धनराशि मिलने के बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद से मकान नहीं बन पाया। इन लोगों के आश्रित से डूड विभाग धनराशि की रिकवरी करेगा। जबकि 65 लोग हैं। जिन्हें तीन नोटिस दी गई, तब उन्होंने काम शुरू कराया। जबकि 35 पात्रों का पता नहीं चल पा रहा है। इन लोगों ने दो किस्त भी ले ली हैं।
योजना की यह है पात्रता
-आवेदक ने घर खरीदने के लिए किसी तरह की सरकारी छूट न ली हो
-आवेदक ने पहले किसी वित्तीय संस्थान से आवास के लिए कर्ज न लिया हो।
-परिवार की सालाना आय 18 लाख रुपये से ज्यादा न हो।
-आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई घर या फ़्लैट न हो
-आवदेक पास पक्का घर न हो
पीएम आवास योजना के तहत अभी तक 17418 लोगों को अपनी छत मिल चुकी है। अब आवास योजना 2.0 में लोग आवेदन कर रहे हैं। इनकी जांच करवाई जा रही है। 20 मार्च तक हुई जांच में 635 लोग पात्र पाए गए हैं। अभी और आवेदनों की जांच चल रही है। सरकार की मंशा है कि हर पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सके।
-कल्पना जायसवाल, प्रभारी परियोजना अधिकारी डूडा