गांव ब्यौर में मामले की जांच करते अधिकारी। संवाद
सिलहरी। सलारपुर ब्लाक की ब्यौर ग्राम पंचायत में तालाब की सुरक्षा दीवार के निर्माण और गोवंश आश्रय स्थल के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खंड विकास अधिकारी नितिन कुमार सालारपुर की जांच में ये तथ्य सामने आए हैं। इसके बाद ग्राम प्रधान तंजीम अली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गांव ब्यौर निवासी सुमन गौर ने सीडीओ से शिकायत की थी। उसने बताया था कि ग्राम पंचायत ब्यौर में तालाब की सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पीली ईंटों से कराया जा रहा है। साथ ही गोवंश आश्रय स्थल में गोवंश के भरण-पोषण में लापरवाही बरती जा रही है। सीडीओ ने जांच के निर्देश खंड विकास अधिकारी सालारपुर को दिए थे। तीन अक्तूबर को ग्राम पंचायत ब्यौर पहुंचे खंड विकास अधिकारी नितिन कुमार, अवर अभियंता, आरईडी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव ने जांच की। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम सेमरमई मजरा ग्राम पंचायत ब्यौर में तालाब की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया है।
हालांकि, राजस्व अभिलेखों में उस स्थान पर कोई तालाब दर्ज नहीं है। यह किसी निजी व्यक्ति की भूमि पर बना तालाब पाया गया, जिस पर शासकीय धनराशि से सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि प्रधान ने सरकारी धन का उपयोग किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए किया है। गौवंश आश्रय स्थल के निरीक्षण में लगभग 130 गोवंश संरक्षित पाए गए। जांच में पता चला कि गोवंश को पौष्टिक आहार के बजाय सूखा भूसा खिलाया जा रहा था, जो शासन के निर्देशों के विपरीत है।
इन अनियमितताओं के मद्देनजर, खंड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान तंजीम अली को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो प्रधान द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने पर उनके स्थान पर विकास कार्यों के लिए विकास समिति गठित करने की संस्तुति सक्षम अधिकारी से की जाएगी।