शासन स्तर से जिला अस्पताल में मरीजों की अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने की हर संभव कोशिश की जा रही है, लेकिन इसके उलट यहां अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ स्वास्थ्य विभाग खिलवाड़ कर रहा है। मरीजों को यहां उच्च क्वालिटी का खाना नसीब नहीं है, इस कारण उनका हाल बेहाल है। कारण, मॉनीटरिंग नहीं होने से ठेकेदार मनमानी कर रहा है।
शनिवार को जिला महिला अस्पताल में जाकर भर्ती मरीजों से जानकारी ली तो उन्होंने जिला अस्पताल प्रशासन को जमकर कोसा। बताया गया कि सुबह सिर्फ पानी मिला दूध और चार ब्रेड की स्लाइज मिलती हैं। दोपहर में चार रोटी और दाल परोसी जाती है। मरीजों को मेन्यू के हिसाब से नाश्ता-खाना देने की व्यवस्था ठेकेदार को दी गई है। नाश्ता और भोजन के नाम पर हर माह सरकार लाखों रुपये का भुगतान भी ठेकेदार को कर रही है, लेकिन मेन्यू के अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं दिया जा रहा है। घटिया किस्म के खाने को लेकर मरीजों का ठेकेदार से आए दिन झगड़ा होता है। कुछ मरीजों ने तो इसकी शिकायत जिम्मेदारों से भी की है। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।