लखनऊ से जांच को आई कृषि आयुक्त की टीम जलजीवन मिशन के बारे में पूछताछ करती हुई।-संवाद
कादरचौक। जल जीवन मिशन के तहत गांव में जहां अब तक ओवरहेड टैंक नहीं बना और न ही पाइप लाइन बिछाई गई है। उस गांव के 1105 घरों में जल से नल के कनेक्शन देने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शनिवार को लखनऊ से आई टीम के भौतिक सत्यापन में यह मामला उजागर हुआ तो जल निगम के जेई को विशेष सचिव ने फटकार लगाई। बीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दे गए हैं।
लखनऊ से भौतिक सत्यापन के लिए आए कृषि विभाग के विशेष सचिव सुनील कुमार वर्मा ने शनिवार को कादरचौक क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कादरचौक में हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। जल निगम के जेई ने कादरचौक में 1105 नल से जल के कनेक्शन की रिपोर्ट लखनऊ भेजी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर विशेष सचिव ने जांच की तो पता चला कि एक भी कनेक्शन नहीं हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर न तो ओवरहेड टैंक बना और न पाइप लाइनें बिछी हैं। फिर कनेक्शन कैसे दे दिए गए। कनेक्शन का फर्जीवाड़ा खुला तो विशेष सचिव ने ठेकेदार और जल निगम के जेई फटकारा। साथ ही खंड विकास अधिकारी से इनकी पूरी रिपोर्ट मांगी।
वही ठेकेदार ब्लाॅक की 48 पंचायतों में काम कर रहा है। किसी भी ग्राम पंचायत में अभी तक नल से जल नहीं मिल रहा है। इस मामले में और जगह भी फर्जी रिपोर्ट हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि नूरपुर में पंप के चलते ही सडकों पर पानी बहता है। मुगर्रा जरासी में भी पाइप में लीकेज है। कादरचौक में जहां पर ओवरहेड टैंक बन रहा है, वहां जलभराव है। गांव असरासी से भदरौलिया और निजामपुर के पास बदायूं-कादरचौक मुख्य मार्ग की काली सडक के किनारे लाइन डाली गई है, यह सड़क चौड़ीकरण को प्रस्तावित है।
इसके बाद विशेष सचिव ने कादरचौक ब्लाक और सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने असरासी पर बने प्रसव केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद निजामपुर प्राथमिक स्कूल पहुंचे। आवास योजना के अंतर्गत मिले आवासों को देखा।