नूरपुर गांव में बिजली की समस्या को लेकर अनिशिचकालीन धरना पर बैठे ग्रामीण। ग्रामीण
दातागंज। गांव नूरपुर में तीन माह से बिजली नहीं है, बावजूद इसके विद्युत निगम के अफसर सुध नहीं ले रहे। छह दिन पहले ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बिजली लाइन जुड़वाई, एक-दो दिन में तार फिर टूट गए। आक्रोशित ग्रामीण जर्जर तारों से हो रहे हादसे और बिजली न आने को लेकर गांव के देवस्थान पर तीन दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जर्जर तारों को बदलकर जिले के समरेर उपकेंद्र से विद्युत सप्लाई शुरू की जाए।
समरेर विकासखंड के गांव नूरपुर में बिजली की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। बता दें कि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव का गांव के लोग बहिष्कार कर चुके हैं। तब प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद अपराह्न दो बजे वोटिंग शुरू हुई थी। इसके बाद भी समस्या हल नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में विद्युत सप्लाई की स्थिति बेहद खराब है। यहां पर लाइन खराब होने के बाद जब तक पैसे खर्च न करो, तब तक बिजली ठीक नहीं हो पाती। बिजली न आने से किसानों की फसलें भी सूख जाती हैं।
करन राजपूत ने बताया कि बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। इस कारण आए दिन लाइन खराब हो जाती है। विद्युत कर्मियों को बार-बार रुपये देकर ग्रामीण परेशान हो चुके हैं, इसलिए अब सभी ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दूसरे जिले की सप्लाई आने के कारण आज तक जर्जर तारों को ठीक भी नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांग है कि जर्जर तारों को बदलकर गांव की लाइन को समरेर उपकेंद्र से जोड़ा जाए, जब तक इस समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा तब वह धरने पर बैठे रहेंगे।
समस्या का समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों की मांग के अनुसार समरेर उपकेंद्र से गांव को जोड़ने के बारे के विद्युत निगम के अधिकारियों से बात की जा रही है। इसके बाद स्थायी समाधान किया जाएगा। - विनोद सिंह, एसडीएम, दातागंज