बदायूं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) एवं न्याय निर्णायक अधिकारी अरुण कुमार की कोर्ट ने खाद्य पदार्थों के तीन मामलों की सुनवाई करते हुए तीन खाद्य कारोबारियों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कारोबारियों को तीस दिन में जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
न्याय निर्णायक अधिकारी अरुण कुमार ने अभिलेखीय साक्ष्यों का परिशीलन और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आदेश सुनाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 5 जून, 2025 को इरशाद पुत्र अंसार निवासी वार्ड नंबर 11, उसहैत की दुकान से हल्दी पाउडर (लाला जी ब्रांड) का नमूना लिया था। नमूना मंगला मैन्यूफैक्चर्स, गाेशाला रोड निकट जैन मंदिर, थाना-कोतवाली बदायूं में निर्मित था।
झांसी की प्रयोगशाला में नमूने की जांच की गई। खाद्य विश्लेषक झांसी की जांच में हल्दी पाउडर अधोमानक घोषित किया गया। इरशाद ने हल्दी पाउडर का बिल प्रस्तुत किया, जिससे स्पष्ट हुआ कि हल्दी पाउडर का खाद्य निर्माता मंगला मैन्यूफैक्चर्स ही है।
कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के उल्लंघन पर खाद्य निर्माता मंगला मैन्यूफैक्चर्स पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की रकम अदायगी तक व्यवसाय बंद रखने का भी आदेश दिया है।
वहीं, मिर्च पाउडर के नमूने की जांच खाद्य विश्लेषक लखनऊ से कराई गई। मिर्च पाउडर का नमूना भी जांच में अधोमानक मिला। न्याय निर्णायक अधिकारी ने खाद्य कारोबारी मनी वार्ष्णेय निवासी गोशाला रोड निकट जैन मंदिर के विरुद्ध 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि 30 दिन के भीतर जमा करने का आदेश दिया है।
इधर, कोर्ट ने तीसरे केस की सुनवाई कर सुनाए आदेश में कहा है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इकरार पुत्र मेंहदी हसन निवासी ग्राम दिओनी, दातागंज के समरेर खोया मंडी स्थित खोया विक्रय स्थल का 31 दिसंबर 2025 को निरीक्षण किया था। खाद्य पंजीकरण मांगे जाने पर पंजीकरण प्रस्तुत नहीं किया।
कोर्ट ने बिना खाद्य पंजीकरण के कारोबार करने का दोषी मानते हुए खाद्य कारोबारी इकरार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 30 दिन के अंदर जमा न करने पर भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूली की प्रक्रिया अपनाने का आदेश दिया।