यूपी बोर्ड परीक्षा में निगरानी को लगाए गया उड़नदस्ता अब केेंद्रों पर नहीं पहुंच रहा है। इसके पीछे एक कारण डीजल के रुपये न मिलना भी बताया जा रहा है। डीजल के लिए पटल सहायक से चालकों की झड़प तक हो चुकी है।
परीक्षा में दौरान हर साल केंद्रों पर निगरानी रखने के लिए सचल दल बनाए जाते हैं। जो परीक्षा के समय गाड़ियों से सेंटर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखते हैं, लेकिन डीजल के रुपये समय से न मिलने पर गाड़ियों के पहिए थम गए हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि सचल दल में दौड़ रहीं गाड़ियों के डीजल के बिल पास नहीं किए जा रहे हैं। कई बार मांगने पर भी नहीं दिए गए। बताते हैं कि बीते शनिवार को इसे लेकर लेकर पटल सहायक और चालकों के बीच डीजल के बिल पास करने के पीछे झड़प तक हो गई। काफी देर तक बहस भी होती रही।
सूत्र बताते हैं इसके लिए डीजल का बजट आता है, लेकिन इसे दबा दिया जाता है। बताते हैं कि इस बार भी ऐसा ही प्रयास किया जा रहा है। डीआईओएस वीना यादव ने बताया कि मेरी जानकारी में इस तरह की झड़प होने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जानकारी ली जाएगी। डीजल संबंधी निर्देश दे रखे हैं।