ज्योतिषविद आचार्य राजेश कुमार शर्मा।
बदायूं। दो दिन अष्टमी होने के कारण अहोई अष्टमी को लेकर व्रत रखने वाली महिलाएं असमंजस की स्थिति में हैं। असमंजस को दूर करने के लिए ज्योतिषविद आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी 13 अक्तूबर को मान्य होगी। उन्होंने कहा कि इस दिन दोपहर 12.24 बजे से शुरू होकर 14 अक्तूबर की सुबह 11.09 बजे तक अष्टमी रहेगी। 14 अक्तूबर को रात में नवमी होगी। अहोई अष्टमी का व्रत शाम को तारों के दर्शन और पूजा से जुड़ा होता है, इसलिए 13 अक्तूबर काे ही अहोई अष्टमी मानी जाएगी।
पुत्रों के लिए रखती हैं माताएं उपवास
आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में परिवार और रिश्तों का विशेष स्थान है। इसके लिए कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। वहीं माताएं अपनी संतान, विशेषकर पुत्रों की लंबी उम्र, सफलता और कल्याण के लिए इस दिन उपवास रखती हैं। आचार्य बताते हैं कि अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माताएं सूर्योदय से लेकर रात में तारे निकलने तक व्रत रखती हैं और शाम को तारे निकलने के बाद उनकी पूजा-अर्चना कर व्रत खोलती हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
अहोई माता की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5.53 बजे से लेकर रात 7.08 बजे तक रहेगा। तारे निकलने के बाद उनका दर्शन और पूजा करना होता है। तारे कुछ विलंब से भी निकलते हैं तो उन्हें देख कर ही अर्घ्य देकर व्रत पारायण किया जाए। तब यह व्रत सफल माना जाएगा।